देश भर की 16 लॉ-यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए होने वाले कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (क्लैट)-2015 के ऑनलाइन एग्जाम से पहले स्टूडेंट्स की काउंसलिंग की जाएगी।
यह पहला मौका है जब क्लैट पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया गया है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों व छोटे कस्बों से आने वाले स्टूडेंट्स को कोई दिक्कत न हो, इसलिए उन्हें सर्विस प्रोवाइडर के माध्यम से ट्रेनिंग दी जाएगी।
उन्हें बताया जाएगा कि किस तरह ऑनलाइन टेस्ट में कंप्यूटर की बोर्ड की कौन सी पांच ‘की’ को दबाना है। वे इसकी प्रैक्टिस भी आराम से कर सकेंगे।
यानी, ऑनलाइन एग्जाम देने में उन्हें किसी भी तरह की कोई दिक्कत नहीं होगी। इसके अलावा क्लैट की वेबसाइट पर वीडियो भी अपलोड किया जाएगा।
ऑनलाइन एग्जाम से पहले स्टूडेंट्स की हर उलझन सुलझाने का फूलप्रूफ इंतजाम किया जा रहा है। डॉ. राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी को इस बार क्लैट करवाने का जिम्मा मिला है।
क्लैट-2015 को-ऑर्डिनेटर और डॉ. राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. गुरदीप सिंह ने बताया कि क्लैट की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
पूरी व्यवस्था ऑनलाइन किए जाने से पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, परीक्षा में गोपनीय कार्यों को भी बेहतर ढंग से कर सकेंगे। सबसे बड़ा फायदा स्टूडेंट्स को होगा।
फॉर्म भरना होगा आसान
उन्हें ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए अपने घर या आसपास साइबर कैफे तक ही जाना होगा। वहीं, एग्जाम के ऑनलाइन होने से उन्हें परीक्षा केंद्रों पर सहूलियत होगी।
सभी स्टूडेंट्स को कंप्यूटर बेस्ड एग्जाम देना होगा। ऑनलाइन परीक्षा करवाने के लिए जिस कंपनी को काम दिया गया है, वह एग्जाम से पहले स्टूडेंट्स को बताएगा कि किस तरह परीक्षा देनी है।
उसे सही सवाल के जवाब पर कंप्यूटर ‘की’ बोर्ड पर कौन-कौन सी की दबानी होंगी और उन्हें किन-किन बातों का ध्यान रखना होगा। वेबसाइट पर वीडियो को भी अपलोड कर दिया जाएगा और स्टूडेंट इसे एक क्लिक पर देख सकेंगे कि किस तरह एग्जाम देना है।
सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे पास एक समय में पेपर के 150 व उससे भी अधिक सेट होंगे। अगर हमें कहीं पर भी गड़बड़ी की भनक तक लगी पलक झपकते ही स्टूडेंट का पेपर सेट बदल जाएगा।
प्रो. गुरदीप सिंह कहते हैं कि ऑनलाइन एग्जाम के लिए 28 शहरों में परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। क्लैट कोर कमेटी ने हमें छूट दी है कि शहरों की संख्या बढ़ाना चाहें तो आगे परिस्थिति के अनुसार बढ़ा सकते हैं।
शहरों के साथ-साथ रिमोट एरिया में भी अधिक से अधिक परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे। 28 शहरों में बड़ी संख्या में परीक्षा केंद्र निर्धारित होंगे। स्टूडेंट्स को ऑनलाइन परीक्षा देने के लिए इस बार पास में ही सेंटर उपलब्ध करवाया जाएगा।
निशक्त स्टूडेंट्स की आयु सीमा बढ़ी
क्लैट 2015 को आयोजित करने के लिए अभी से फूलप्रूफ तैयारियां शुरू हो गई हैं। क्लैट का सिगरेटिएट बनकर तैयार हो गया है और ऑनलाइन एग्जाम करवाने के लिए अभी से तैयारी शुरू हो गई है।
एक जनवरी से 31 मार्च तक क्लैट के ऑनलाइन फॉर्म उपलब्ध करवाए जाएंगे। फिलहाल, क्लैट ऑनलाइन किए जाने के चलते अब सिक्योरिटी बढ़ाना भी आसान हो गया है। क्लैट का पूरा सिस्टम काम करने लगा है।
क्लैट में पहली बार निशक्त स्टूडेंट्स की आयु सीमा को दो वर्ष बढ़ा दिया गया है। अभी तक 20 साल की आयु वाले ही निशक्त स्टूडेंट परीक्षा दे सकते थे लेकिन अब यह आयु सीमा बढ़ाकर 22 वर्ष कर दी गई है।
इससे सैकड़ों स्टूडेंट्स को फायदा होगा। क्लैट 2015 के कोआर्डिनेटर प्रो. गुरदीप सिंह कहते हैं कि क्लैट को स्टूडेंट फ्रेंडली बनाया जा रहा है।