सीबीएसई के देहरादून रीजन कार्यालय ने 12वीं के 550 और छात्रों का रिजल्ट रिवाइज कर दिया है। इन छात्रों के प्रैक्टिकल अंकों की सूची क्षेत्रीय निदेशक ने रिसीव नहीं की थी।
पहले भी रिवाइज किए गए थे रिजल्ट
इससे कई छात्र फेल हो गए थे या उनके नंबर कम हो गए थे। बोर्ड ने इससे पहले भी 800 छात्रों के रिजल्ट रिवाइज किए थे। सीबीएसई के देहरादून रीजन ने पहली बार 10वीं और 12वीं का परिणाम जारी किया।
10वीं में जहां कई स्कूलों ने गलत डाटा भेज दिया था, जिसके आधार पर रिजल्ट जारी कर दिया गया। 12वीं में तो छात्रों के अंक बेहद गड़बड़ रहे।
चिंताजनक बात यह थी कि छात्रों के रिजल्ट बिना प्रैक्टिकल अंकों के ही जारी जारी कर दिए गए थे।
सूत्रों के मुताबिक क्षेत्रीय निदेशक मनोज कुमार श्रीवास्तव ने स्कूलों से भेजी गई छात्रों के प्रैक्टिकल अंकों की सूची ही रिसीव नहीं की थी।
पहले फेज में 800 ऐसे छात्र सामने आए, जिनके प्रैक्टिकल अंक अपडेट न होने से वे फेल हो गए थे। बोर्ड ने आनन फानन में सूची मंगाकर इनका रिवाइज रिजल्ट प्रिंटिंग के लिए भेज दिया।
रिवाइज रिजल्ट प्रिंटिंग के लिए भेजा
इसके बाद जांच में 550 और ऐसे छात्र सामने आए। इनमें से 13 ऐसे बताए जा रहे हैं, जिन्हें प्रैक्टिकल देने के बावजूद अनुपस्थित दिखाया गया है।
अब बोर्ड ने इनकी सूची भी स्कूलों से दोबारा मंगाकर इनका रिवाइज रिजल्ट प्रिंटिंग को भेज दिया है। इनमें उत्तराखंड और यूपी के 19 जिलों के भी छात्र शामिल हैं। रिवाइज रिजल्ट में भारी संख्या में छात्र उत्तीर्ण हो गए हैं।
बोर्ड करेगा कार्रवाई!
बेहद संजीदा माने जाने वाले सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा में आधिकारिक स्तर पर इतनी बड़ी लापरवाही को लेकर केंद्रीय कार्यालय भी खफा बताया जा रहा है।
इस लापरवाही से न केवल छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा, बल्कि बोर्ड की भी किरकिरी हुई। सूत्रों के मुताबिक जल्द ही सीबीएसई दून क्षेत्रीय अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।