उत्तर रेलवे ग्रुप डी की परीक्षा में शहर के एक परीक्षा केंद्र की लापरवाही का खामियाजा तीन दर्जन अभ्यर्थियों को भुगतना पड़ा। इन्हें प्रवेश पत्र डाउनलोड किए और रेलवे पर्यवेक्षक के हस्ताक्षर न होने के कारण परीक्षा के बीच से ही उठा दिया गया। अभ्यर्थी जब पर्यवेक्षक के पास पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि बगैर हस्ताक्षर के ही परीक्षा दे सकते हैं।
इस हीलाहवाली में ही परीक्षा का समय बीत गया। नाराज अभ्यर्थियों ने केंद्र पर हंगामा किया। वहीं, दूसरी ओर एक केंद्र पर एक युवक अपने भाई के स्थान पर परीक्षा देते पकड़ा गया।
उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। ग्रुप डी की परीक्षा में जिन अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र नहीं मिला था, वे उत्तर रेलवे की वेबसाइट से ही उसे डाउनलोड कर परीक्षा केंद्र पहुंच गए।
नियमानुसार डाउनलोड प्रवेश पत्र पर छपी फोटो और उपस्थिति कार्ड पर लगे फोटो का मिलान कर अभ्यर्थियों को परीक्षा देने की अनुमति दी जाती है।
एक परीक्षा केंद्र पर अनुराग, इलाकत हुसैन, अशोक कुमार, मोहित कुमार समेत तीन दर्जन अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र पर रेलवे अधिकारियों से हस्ताक्षर कराने को कहा था।
परीक्षा छोड़कर जब छात्र रेलवे अधिकारी के पास पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि ऐसा कोई नियम ही नहीं है। वे परीक्षा दे सकते हैं।
ऐसे में जब स्टूडेंट्स वापस लौटे तो परीक्षा कक्ष का दरवाजा बंद कर दिया गया। वे कक्ष निरीक्षक से मिन्नतें करते रहे, लेकिन उन्हें परीक्षा में नहीं बैठने दिया गया। इस पर आक्रोशित स्टूडेंट्स ने हंगामा शुरू कर दिया।