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मेडिकल कॉलेजों में दाखिला लेने के इच्छुक पढ़ें बुरी खबर

Mon, 23 Jun 2014 11:20 AM IST
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब के सरकारी मेडिकल कॉलेज में दाखिले का सपना देख रहे विद्यार्थियों के लिए मुश्किलें खड़ी हो गईं हैं। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने अमृतसर के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज की 50 और लुधियाना के क्रिश्चन मेडिकल कॉलेज की 25 सीटों के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है।
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इसके अलावा छह मेडिकल कॉलेजों की 470 सीटों पर भी असमंजस बना हुआ है, जबकि पहले चरण की काउंसिलिंग का दौर शुरू हो चुका है। इससे विद्यार्थियों में असमंजस की स्थिति है कि वे इंतजार करें या फिर प्राइवेट कॉलेजों में दाखिला लें। प्राइवेट कॉलेजों का फीस स्ट्रक्चर 30-40 लाख तक पहुंच चुका है। ऐसे में सब स्टूडेंट के लिए यहां दाखिला लेने आसान नहीं है।

एमसीआई ने सीट खारिज करने के पीछे तर्क दिया है कि मेडिकल कॉलेजों का इंफ्रास्ट्रक्चर ठीक नहीं है। न तो पूरी फेकल्टी है और न ही रेजिडेंट डॉक्टर। इमरजेंसी में भी जरूरी उपकरण नहीं है। ऐसा ही कुछ हाल हिमाचल प्रदेश के मेडिकल कालेजों का है। हिमाचल के भी दो कॉलेजों की भी 85 सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव खारिज कर दिया है।
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जीएमसीएच 32 की सीटों पर चल रहा है मंथन

गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज की 50 सीटों पर भी मंथन चल रहा है। गवर्नमेंट कॉलेज में 50 सीटें हैं। यहां से 50 सीटें बढ़ाने का प्रपोजल है। चंडीगढ़ में काउंसलिंग शुरू हो चुकी है।

अब मेडिकल स्टूडेंट असमंजस में हैं कि वे सीट बढ़ने का इंतजार करें या फिर दूसरे कालेजों की ओर रुख करें। यदि 25 जून तक सीटे बढ़ती हैं तो स्टूडेंट इसका फायदा उठा सकेंगे।

रोहतक कॉलेज की सीटे बढ़ीं
एमसीआई ने सिर्फ मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गृह क्षेत्र रोहतक के मेडिकल कॉलेज की 50 सीटें बढ़ा दी है। मेडिकल कॉलेज में पहले 150 सीटें थी, अब बढ़ाकर 200 हो गईं हैं। इससे यहां के मेडिकल स्टूडेंट को थोड़ी राहत जरूर मिली है।

हालांकि, सोनीपत में बन रहे मेडिकल कॉलेज की परमिशन एमसीआई ने नहीं दी है। यहां पर 150 सीटों का प्रपोजल था। इसी तरह कैथल के भी मेडिकल कॉलेज की परमिशन रोक दी है।

इन कॉलेजों की सीटें कैंसिल हुईं

कॉलेज--------------------------------प्रपोजल---------स्टेटस
गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अमृतसर--------150-200-------कैंसिल
क्रिश्चन मेडिकल कॉलेज लुधियाना---------75-100--------कैंसिल
डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा------50-100--------कैंसिल
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला---------65-100--------कैंसिल

देश में डाक्टरों की संख्या पहले से ही कम है। सरकार को हेल्थ सेक्टर में और निवेश करने की जरूरत है, ताकि मेडिकल कॉलेजों का इंफ्रास्ट्रक्चर सुधर सके। जिन कॉलेजों को पिछले सालों में रुपया मिला है, यदि वे उसका सही इस्तेमाल करते तो उनका इंफ्रास्ट्रक्चर भी ठीक होता और सीटें भी बढ़तीं।
डॉ. अरविंद गोयल, मेडिकल विशेषज्ञ, डॉ. अरविंद बालाजी क्लासेज
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इन कॉलेजों की सीटों पर असमंजस

कॉलेज------------------------------------प्रपोजल---------स्टेटस
गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज पटियाला-----------150-200---------लंबित
दयानंद मेडिकल कॉलेज लुधियाना-------------70-100----------लंबित
गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज फरीदकोट------50-100----------लंबित
श्री गुरु रामदास मेडिकल एंड रिसर्च अमृतसर----100-150---------लंबित
गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज चंडीगढ़-------------50-100----------लंबित
इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस जालंधर---------150-------------लंबित
चिंतपूर्णी मेडिकल कॉलेज गुरदासपुर------------150--------------लंबित
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