छत्रपति शाहूजी महाराज यूनिवर्सिटी की वित्त समिति ने सोमवार को एमबीए पार्ट टाइम, एमएससी इलेक्ट्रानिक्स और बायो इनफारमेटिक्स की फीस कम कर दी है। यह व्यवस्था सत्र 2016-17 से लागू होगी।
बताते चलें कि इन कोर्सों की सीटें नहीं भर पा रही थीं, इसलिए फीस कम करने पर मुहर लगी है। ऐसा न होता तो कोर्स बंदी की नौबत आ सकती थी।
वित्त समिति की मीटिंग सोमवार को कुलपति प्रो. जेवी वैशंपायन की अध्यक्षता में हुई। वित्त अधिकारी संध्या मोहन की मौजूदगी वाली मीटिंग में शिक्षक, कर्मचारी और स्टूडेंटों से संबंधित कई मामलों पर फैसले लिए गए। 2014-15 में हॉस्टल छोड़ने वाले स्टूडेंटों की फीस वापसी पर भी मुहर लगा दी गई है।
इन कोर्सों की फीस कम हुई
एमबीए पार्ट टाइम (तीन वर्षीय) की फीस पहले 1.62 लाख थी अब ये 1.08 लाख रुपए हो गई है।
एमएससी इलेक्ट्रानिक्स (दो वर्षीय) की फीस पहले 43,645 रुपए थी अब ये 28,645 रुपए हो गई है।
वहीं एमएससी बायो इनफारमेटिक्स (दो वर्षीय) की फीस पहले 43,645 रुपए थी अब ये 28,645 रुपए हो गई है।
पेपर बनाने वाले भी मालामाल होंगे
फार्मेसी का एक पेपर सेट करने वाले शिक्षक को 600 की जगह 1200 रुपये और आब्जेक्टिव का एक बनाने वाले को 75 की जगह 200 रुपये मेहनताना दिया जाएगा। ओएमआर बेस्ड परीक्षा के 100 क्वेश्चन का पेपर बनाने वाले शिक्षक को 5000 और एक भाषा में पेपर बनाने वाले को 4000 रुपये मेहनताना मिलेगा।
स्टूडेंट्स के साथ ही कॉलेज कर्मचारियों की भी चांदी
वर्ष 2005 के पहले रिटायर होने वाले 24 कर्मचारियों को भी तोहफा मिला। इन सबको अधिकतम 300 दिनों के लीव इन कैशमेंट का पैसा दिया जाएगा। यह मामला लंबे समय से लटका था। आठ साल की सर्विस पूरी करने वाले यूआईईटी के चार तकनीकी कर्मचारियों का मानदेय 18450 से बढ़ाकर 19380 रुपये कर दिया गया है।
कॉपी जांचने का मेहनताना बढ़ा
एमबीबीएस, बीडीएस सहित तमाम मेडिकल कोर्स की स्नातक स्तर की प्रति कॉपी जांचने का मेहनताना बढ़ाकर अब 50 रुपये कर दिया गया। पहले 15 रुपये मिलते थे।
परास्नातक कोर्स के प्रति कॉपी जांचने का पारिश्रमिक 18 से बढ़ाकर 75 रुपये कर दिया गया। एमएस और डिप्लोमा की प्रति कॉपी जांचने पर अब 60 की जगह 200 रुपये मिलेंगे।
एमबीए, एमएससी की फीस घटी