पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) में सेल्फ फाइनेंस के तहत चल रहे कई प्रोफेशनल कोर्स एडमिशन प्रक्रिया बदलने की वजह से बंद होने की कगार पर हैं। दो साल से कोर्सेज की 80 प्रतिशत सीटें भर ही नहीं पा रही हैं। स्टूडेंट्स ने आरोप लगाया है कि पीयू प्रशासन इस कोर्स की जानबूझकर अनदेखी कर इसे बंद कराना चाहता है।
ज्योग्राफी विभाग सेल्फ फाइनेंस के तहत डिजास्टर मैनेजमेंट और रिमोट सेंसिंग का कोर्स चला रहा है। दोनों कोर्सेज में 25-25 सीटें निर्धारित की गई हैं। लेकिन दो साल से 20 प्रतिशत सीटें भी भर नहीं पा रही हैं। इस बार दोनों कोर्सेज में 4-4 सीटें भरी हैं। सीटें खाली रहने का कारण एडमिशन की बदली गई प्रक्रिया बताई जा रही है।
पीयू ने इन कोर्सेज में एडमिशन के लिए आयोजित होने वाले एंट्रेंस टेस्ट में पासिंग अंक 35 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिए हैं। इस कारण स्टूडेंट्स परीक्षा में पास ही नहीं हो पाते। बीडीएस की भी आधी से ज्यादा सीटें रिक्त हैं।
डीआरडीओ और क्लाइमेटोलॉजी में मौके
डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ) में नोडल ऑफिस जैसे कई पदों पर डिजास्टर मैनेजमेंट कोर्स के बाद ही नियुक्ति मिलती है। पीयू के 6 स्टूडेंट्स इन दिनों बॉर्डर से सटे पंजाब के कई जिलों में नोडल ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं। रिमोट सेंसिंग का स्कॉप क्लाइमेटोलॉजी के क्षेत्र में भरपूर है। पीयू से ही पढ़ चुके एक स्टूडेंट भारतीय मौसम विभाग में सीनियर साइंटिस्ट हैं। दोनों ही कोर्सेज का ज्योग्राफी से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में स्कॉप है।
पुसू चार दिन से हड़ताल पर
पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (पुसू) के छात्र नेता नवल और इंचार्ज आशीष सेल्फ फाइनेंस कोर्सेज में बदले क्राइटेरिया को लेकर चार दिन से हड़ताल पर हैं। आशीष ने बताया कि पीयू के बाकी सभी कोर्सेज में पासिंग अंक 25 और 35 प्रतिशत हैं। जबकि ज्योग्राफी डिपार्टमेंट ने अपने कोर्सेज में पासिंग अंक 50 प्रतिशत कर दिए हैं।
पुसू की यह भी मांग
संगठन सदस्य नवल ने मांग करते हुए कहा कि यूआईईटी में इंप्रूवमेंट एग्जाम लागू होना चाहिए। यूआईईटी फाइनल ईयर के प्लेसमेंट के लिए इलीजिबल स्टूडेंट्स को री-अपीयर की सुविधा दी जाए, हॉस्टल अलॉटमेंट के लिए स्पोर्ट्स, सिंगल गर्ल चाइल्ड, डिफेंस कोटा मान्य किया जाए।