यूपी बोर्ड के प्रवेशपत्र और रोल नंबर में भारी गड़बड़ियां देखने को मिल
रही हैं।
विद्यालय छोड़ चुके विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र बोर्ड ने भेज
दिए हैं। करीब चार हजार छात्र ऐसे हैं, जिनके प्रवेश पत्र अब तक नहीं आए
हैं।
सैकड़ों परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र पर माता-पिता के नाम से लेकर
फोटो तक में खामियां हैं। त्रुटियां ठीक कराने को कॉलेज के लोग डीआईओएस
कार्यालय से लेकर बोर्ड कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
यूपी बोर्ड की लेटलतीफी का खामियाजा स्टूडेंट्स और कॉलेज संचालकों को
भुगतना पड़ रहा है। बुधवार तक 132 कॉलेज वाले प्रश्न पत्र ले जा चुके हैं।
वहीं, रोजाना दर्जनों स्टूडेंट्स और कॉलेज संचालक प्रवेश पत्र संबंधी गलती
सुधरवाने के लिए डीआईओएस कार्यालय पहुंच रहे हैं।
एसएसजेडी इंटर कॉलेज की
प्रबंधिका चंद्रकांता मिश्रा ने बताया कि उनके यहां हाईस्कूल के स्टूडेंट
आजाद गौतम, पिंकी देवी, रुबी, शोभित मौर्या समेत ऐसे कई विद्यार्थी हैं,
जो कॉलेज छोड़कर जा चुके हैं।
इसकी सूचना भी बोर्ड को उपलब्ध कराई गई थी।
इसके बावजूद इन विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र बोर्ड ने जारी कर दिए हैं,
जबकि कॉलेज के प्रदीप कुमार वर्मा, वैशाली सिंह, सामिया खातून के प्रवेश
पत्र नहीं आए हैं।
उनके अनुसार गलती सुधरवाने के लिए उन्होंने कर्मचारी को
बोर्ड कार्यालय भेजा था पर अभी तक प्रवेश पत्र जारी नहीं हो पाए हैं।
इसी
तरह कई स्टूडेंट्स के प्रवेशपत्र तो आए हैं पर उस पर उनकी फोटो ही नहीं
लगी है। जुबली इंटर कॉलेज में भी दो स्टूडेंट्स के रोल नंबर नहीं आए हैं।