दिल्ली विश्वविद्यालय में बॉटनी, जूलॉजी और बायोकेमिस्ट्री ऑनर्स के तहत होने वाले कॉमन पेपर जेनेटिक्स एंड जिनोमिक्स में काफी छात्रों के फेल होने का मामला सामने आया है।
छात्रों का दावा है कि इस पेपर में तीनों कोर्स के लगभग 300 छात्र फेल हुए हैं। इसमें ऐसे छात्र भी हैं जिनका बाकी पेपरों के अनुसार कुल जोड़ 80 फीसदी तक है।
छात्रों ने सोमवार को इस संबंध में पुनर्मूल्यांकन करने या पेपर दोबारा लिए जाने की मांग के साथ डीन स्टूडेंट वेलफेयर के बाहर प्रदर्शन किया।
विक्टिम ऑफ जेनेटिक्स और एबीवीपी के संयुक्त बैनर तले हुए प्रदर्शन में मांग की गई कि पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया को दोबारा शुरू किया जाना चाहिए।
एबीवीपी के प्रदेश मंत्री साकेत बहुगुणा ने बताया कि छात्र तीसरे वर्ष के छठवें सेमेस्टर में हैं। लिहाजा उन्हें फिर से पेपर देने के लिए एक साल इंतजार करना होगा। इससे उनका एक साल खराब होगा।