डीयू में दाखिलों के लिए दिल्ली के छात्रों को आरक्षण दिए जाने से जुड़े शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया के बयान का विरोध तेज हो गया है।
डीयू की एकेडमिक फॉर एक्शन एंड डेवलेपमेंट ने विरोध जताते हुए सूबे के शिक्षा मंत्री को ऐसे बेतुके बयान न देने की नसीहत दी है। एकेडमिक फॉर एक्शन एंड डेवलेपमेंट के अध्यक्ष प्रो. जे खुनटिया ने कहा कि ऐसे बयान से राजधानी की जनता भ्रमित होती है।
जबकि डीयू में ऐसे आरक्षण का प्रावधान ही नहीं है। क्योंकि दिल्ली विश्वविद्यालय एक केंद्रीय विश्वविद्यालय है। केंद्रीय विश्वविद्यालय होने के चलते यहां कश्मीर से कन्याकुमारी तक के छात्र बिना रोक-टोक दाखिला लेने का अधिकार रखते हैं।