राजधानी के 20 संस्थानों के साथ मिलकर एलयू रिसर्च करेगा। लखनऊ विश्वविद्यालय रिसर्च काउंसिल जल्द ही एमओयू साइन करेगी।
इसके बाद सभी शोध संस्थान एक दूसरे की प्रयोगशालाओं का प्रयोग कर सकेंगे और अपने-अपने विशेषज्ञों की मदद से ले सकेंगे।
विश्वविद्यालय कार्यपरिषद से रिसर्च काउंसिल के गठन को मंजूरी मिलने के बाद यह प्रस्ताव तैयार किया गया है।
लखनऊ विश्वविद्यालय की रिसर्च काउंसिल प्रमुख प्रो. विभूति राय ने कहा कि इंटर इंस्टीट्यूशनल्स रिसर्च को बढ़ावा देने की योजना है।
जिन संस्थानों से एमओयू साइन किया जाएगा, उनमें पीजीआई, केजीएमयू, एनबीआरआई, सीडीआरआई, जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया, आईआईटीआर, बॉयोटेक पार्क, रिमोट सेंसिंग संस्थान, केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बीरबल साहनी पुरावनस्पति संस्थान, गन्ना अनुसंधान संस्थान, मैंगो रिसर्च सेंटर, फिशरीज रिसर्च सेंटर, आपदा नियंत्रण संस्थान आदि शामिल हैं।
प्रो. राय ने बताया कि इसके माध्यम से सभी संस्थानों को रिसर्च करने में फायदा मिलेगा। वह एक दूसरे संस्थान की प्रयोगशाला के उपकरण का प्रयोग कर सकेंगे।
अभी संस्थानों के पास सारे उपकरण खरीदना संभव नहीं होता। मगर एमओयू होने के बाद हम आसानी से इन उपकरणों का प्रयोग कर सकेंगे।
यही नहीं संस्थानों के विशेषज्ञ एक-दूसरे संस्थान में जाकर लेक्चर भी देंगे, ताकि स्टूडेंट्स को विशेषज्ञता का पूरा फायदा मिल सके। प्रो. राय ने बताया कि अन्तर विषयी शोध होने का फायदा आम लोगों को भी मिलेगा।
लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एसबी निमसे ने इन सभी 20 संस्थानों से एमओयू करने को हरी झंडी दे दी है। संस्थानों से भी बात की जा चुकी है बस अब जल्द ही सभी संस्थान आपस में मिलकर शोध का काम शुरू करेंगे।
एक क्लिक में मिलेगी रिसर्च की जानकारी
एलयू में रिसर्च से संबंधित सारी जानकारी अब एक क्लिक पर मिलेगी। विवि प्रशासन इसके लिए सभी विभागों से डाटा मंगवा रहा है। यूनिवर्सिटी में जो भी शोध हो रहे हैं, उसकी पूरी जानकारी रिसर्च काउंसिल एकत्र करेगी। फायदा यह भी होगा कि एलयू में जो रिसर्च हो रहे हैं, वह सबके सामने आएंगे।
एलयू आज से परखेगा नैक मूल्यांकन की तैयारी
लखनऊ विश्वविद्यालय फरवरी, 2014 में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) से मूल्यांकन करवाने के लिए तैयारियां कर रहा है। दो फेज में तैयारियों को आंकने की व्यवस्था की है। फर्स्ट फेज में एलयू प्रशासन सोमवार व मंगलवार को अलग-अलग टीमें गठित कर तैयारियों का जायजा लेगा।
खुद कुलपति डॉ. एसबी निमसे विभागों का निरीक्षण करेंगे। वह देखेंगे कि विभाग ने क्या-क्या किया और क्या नहीं पूरा किया। विभागों ने कितने रिसर्च किए, कौन से कोर्स चला रहे है और आगे उसका फ्यूचर प्लॉन क्या है।
यह सब कुछ बताना होगा। यूनिवर्सिटी में कई विभागों ने इसका पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन तैयार किया है। मगर कई विभाग ऐसे भी हैं जिन्होंने पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन तैयार नहीं किया है। दीक्षांत समारोह के बाद दूसरे चरण शुरू किया जाएग।