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12 साल वालों को न, 23 साल वाले को हां

Mon, 28 Oct 2013 10:55 AM IST
सचिन त्रिपाठी/लखनऊ
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लखनऊ यूनिवर्सिटी में तीन ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें पीएचडी ऑर्डिनेंस का हवाला देते हुए अभ्यर्थियों को थीसिस जमा करने का मौका नहीं दिया गया।
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ऑर्डिनेंस के अनुसार अभ्यर्थी को एनरोलमेंट के बाद अधिकतम सात साल के अंदर अपनी थीसिस जमा करनी होती है, लेकिन लगता है यह नियम सिर्फ सामान्य लोगों के लिए है।

रसूखदारों के लिए एलयू में सारे कायदे-कानून ताक पर रख दिए जाते हैं, क्योंकि यहां एक ऐसे प्रभावशाली की थीसिस जमा कराने की तैयारी हो चुकी है, जिन्होंने 23 साल पहले एनरोलमेंट कराया था। इतना ही नहीं इसके लिए कुलपति की अनुमति लेने की औपचारिकता भी नहीं निभाई गई।
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रसूखदार अभ्यर्थी लॉ डिपार्टमेंट में एलएलडी (लॉ रिसर्च) करने के लिए वर्ष 1990 में एनरोल हुए थे। वर्ष 1990 के बाद इस साल 31 मई 2013 को उन्होंने एलएलडी सेकंड, थर्ड और फोर्थ ईयर के साथ ही थीसिस फीस भी जमा कर दी।

पढ़ें-छात्रों को राहत देने के लिए एलयू का अजीब फैसला

एलयू के पीएचडी ऑर्डिनेंस के अनुसार अभ्यर्थी को अपनी थीसिस अधिकतम सात साल तक जमा करनी होती है। इसके बाद कुलपति की अनुमति से दोबारा एनरोल किया जाता है और अभ्यर्थी को अपनी थीसिस अगले दो साल में जमा करनी होती है।

अगर दो साल में अभ्यर्थी थीसिस जमा नहीं कर पाया तो फिर उसे मौका नहीं मिलता। लूटा अध्यक्ष डॉ. विनोद से जब एनरोल होने के 23 साल बाद पीएचडी अवार्ड करने की संभावनाओं के बारे में पूछा गया तो उन्होंने दो टूक कहा कि इसका सवाल ही पैदा नहीं होता।

एक ही दिन जमा हो गई फीस
पीएचडी हो या एलएलडी एडमिशन के बाद हर साल फीस जमा करनी होती है। अभ्यर्थी की ओर से 31 मई 2013 को रसीद संख्या 1558810 पर दूसरे वर्ष, रसीद संख्या 1558811 पर तीसरे साल और रसीद संख्या 1558812 पर चौथे साल की फीस और रसीद संख्या 1558813 पर थीसिस फीस जमा की गई है।

कुलपति बोले, देख रहे हैं मामला
लविवि कुलपति प्रो. एसबी निमसे से इस संबंध में पहली बार 18 अक्तूबर 2013 को बात की गई। इस पर उन्होंने मामला देखने की बात कही। शाम को फोन करने पर उन्होंने फाइल देखकर सोमवार को बताने का समय दिया।
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सोमवार 21 अक्तूबर को लविवि की आपात कार्यपरिषद बैठक की वजह से उनसे बात नहीं हो सकी। मंगलवार को एक बार फिर बात करने पर उन्होंने मामला देख लेने की बात कही। यही बात उन्होंने बुधवार और गुरुवार को भी दोहराई।

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