लखनऊ विश्वविद्यालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए इसकी कमान पूर्व सैनिकों को सौंपी जाएगी। इससे परिसर में अनुशासन और सख्त हो सकेगा।
वहीं, परिसर में मुख्य स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और सभी सुरक्षाकर्मियों को वॉकी-टॉकी दिया जाएगा। इससे कहीं कोई गड़बड़ी होने पर तत्काल सूचना प्रॉक्टोरियल बोर्ड को दी जा सकेगी और तत्काल ही प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी।
अभी लविवि में मुख्य द्वारों के अलावा अन्य द्वारों से भी छात्रनेता व उनके समर्थक अपनी गाड़ियों का काफिला लेकर घुस आते हैं। वे गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों की एक नहीं सुनते।
इसके अलावा परिसर में अभी कहीं कोई घटना होती है तो विवि के सुरक्षाकर्मी उसे जब तक पुलिस व प्रॉक्टोरियल बोर्ड के पास पहुंचाते हैं, तब तक दोषी मौके से फरार हो जाता है।
अब वॉकी-टॉकी और सीसीटीवी कैमरे से दोषी को पकड़ना आसान होगा। लविवि के चीफ प्रॉक्टर प्रो. मनोज दीक्षित कहते हैं कि उन्होंने ये पद हाल में संभाला है पर परिसर की सुरक्षा को लेकर लगातार काम कर रहे हैं। जो भी संभव उपाय होंगे, वे अपनाए जाएंगे और अनुशासन तोड़ने वाले को सख्त सजा मिलेगी।