एलयू में दीक्षांत सप्ताह के दूसरे दिन स्टूडेंट्स ने शिक्षा की बदलती तस्वीर को रंगों से उकेरा।
किसी ने रंग-बिरंगी स्लेट, किताब और लैपटॉप बनाकर बदलाव की जानकारी दी तो किसी ने कन्यादान से बढ़कर विद्यादान विषय उठाया।
एलयू में आयोजित रंगोली प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने बालिका शिक्षा के महत्व को दर्शाया। लेखन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।
रविवार को दीक्षांत सप्ताह के अंतर्गत आयोजित होने वाली प्रतियोगिताओं का उद्घाटन कुलपति डॉ. एसबी निमसे ने किया। उन्होंने स्टूडेंट्स से पढ़ाई के साथ-साथ कल्चरल एक्टिविटी से जुड़ने की अपील की।
एपी सेन मेमोरियल हॉल में आयोजित दीक्षांत सप्ताह के अंतर्गत रंगोली प्रतियोगिता में स्टूडेंट्स ने एक से बढ़कर एक रंगोली बनाई। इसमें करीब आठ टीमों ने हिस्सा लिया।
एक लड़की को किताब लेकर पढ़ाई की मांग करते हुए भी बेहद प्रभावशाली ढंग से पेश किया गया। वहीं, चार विषयों पर सृजनात्मक लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
इसमें ‘मानवता व तकनीकी’, ‘आधुनिक शिक्षा में मूल्य’, ‘आधुनिक युग व संस्कृति’ और ‘क्या मृत्युदंड अपराध रोकने में कारगर है’, विषय में से किसी एक पर स्टूडेंट को लेख लिखना था। इसमें 68 स्टूडेंट्स ने प्रतिभाग किया।
दीक्षांत सप्ताह के अंतर्गत एलयू के लाल बहादुर शास्त्री हॉस्टल में रविवार को मेडिकल चेकअप कैंप लगाया गया। इसमें सरकार डायग्नोस्टिक की ओर से आई टीम ने खून की जांच की।
एलयू ने यहां पर 78 स्टूडेंट के मेडिकल (हेल्थ) कार्ड बनवाए। इसके साथ ही एलयू के हॉस्टलों में रहने वाले स्टूडेंट्स के लिए मेडिकल कार्ड बनाए जाने की योजना की शुरूआत हुई।
एलबीएस हॉस्टल के प्रोवोस्ट प्रो. एसपी त्रिवेदी ने बताया कि यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में रहने वाले सभी स्टूडेंट्स के मेडिकल कार्ड बनवाए जाएंगे।