नियम दरकिनार कर बांटी गई संबद्धता मामले की जांच लखनऊ विश्वविद्यालय करवाएगा।
लखनऊ विश्वविद्यालय में मानकों को ताक पर रखकर दो कॉलेजों को मान्यता जारी की गई है।
मामला मीडिया में आने के बाद लविवि कुलपति ने मामले की जांच कराने के लिए कहा है।
विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार कॉलेज के प्रबंधतंत्र या फिर भूमि संबंधी विवाद होने की सूरत में कॉलेज को मान्यता नहीं दी जा सकती है।
माल स्थित राम दुलारी आलोक कुमार महिला डिग्री कॉलेज की जमीन को लेकर विवाद है।
मैनेजमेंट का भी पुनर्गठन नहीं हुआ है। एक पक्ष की ओर से इस मामले की बराबर लिखित शिकायत की जा रही है।
इसके बावजूद विश्वविद्यालय ने कॉलेज को मान्यता जारी कर दी।
इसी तरह गोमती नगर स्थित इनोवेटिव कॉलेज की जमीन को लेकर विवाद है, जिस जमीन पर बीएड कॉलेज खोला गया है।
उसमें इसी संस्था का मैनेजमेंट कॉलेज भी चल रहा है, जबकि बीएड कॉलेज के लिए अलग से पांच हजार वर्ग फुट जमीन होनी चाहिए।
मैनेजमेंट व बीएड कॉलेज एक ही जमीन जो कि साढ़े सात हजार वर्ग फुट है उस पर चल रही है।
इतना ही नहीं एलडीए ने इसे इंटर कॉलेज चलाने के लिए जमीन लीज पर दी थी।
एलडीए के प्रावधानों में जमीन को कोई सब लीज नहीं कर सकता। इसके बावजूद कॉलेज चल रहा है।
अमर उजाला द्वारा इस मामले के खुलासे के बाद लविवि प्रशासन हरकत में आया है और कुलपति ने मामले की जांच कराने के लिए कहा है।