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अब एक क्लिक पर होगा लेक्चर और मिलेगी मार्कशीट

Tue, 13 Oct 2015 03:08 AM IST
रश्मि शर्मा/अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ाई पूरी तरह से हाईटेक करने की तैयारी की जा रही है। डीयू का स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) इस दिशा में कदम बढ़ा रहा है। एसओएल ऐसा सिस्टम तैयार करवा रहा है जिससे कि छात्रों के लिए ऑनलाइन लेक्चर, असेसमेंट, मार्कशीट, शिक्षकों से बातचीत करना, प्रोविजनल डिग्री, छात्रों को कहीं से भी एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। इस सिस्टम को तैयार करने के लिए प्रशासन बाहरी एजेंसी की मदद लेगा।
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कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग के निदेशक प्रो. सीएस दुबे ने बताया कि पढ़ाई में सूचना प्रोद्यौगिकी का प्रचलन काफी बढ़ गया है। हर किसी केपास कंप्यूटर, इंटरनेट उपलब्ध है। ऐसे में पढ़ाई को छात्रों केकंप्यूटर पर लाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि इसके लिए लर्निंग मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इस मैनेजमेंट सिस्टम के तैयार होने पर प्रत्येक छात्र को एक यूजर आईडी व पासवर्ड दिया जाएगा। इसके माध्यम से वह अपने सीधे हमसे जुड़ जाएगा।

अभी ऑनलाइन लेक्चर, एडमिशन, वीडियो लेक्चर की सुविधा दी जाती है। लेकिन अब बहुत सारी सुविधाओं को एक प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा। मसलन यदि कोई छात्र ऑडियो लेक्चर सुनना चाहता है तो उसकेकोर्स केमुताबिक यूजर आईडी व पासवर्ड डालते ही उसे उपलब्ध हो जाएंगे।
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इसी तरह से वह घर बैठे ही वीडियो लेक्चर भी देख व सुन सकेगा। अभी सबका ऑनलाइन रीडिंग मैटीरियल एक साथ उपलब्ध होता है लेकिन वह जैसे ही ऑनलाइन आएगा उसे अपने कोर्स केमुताबिक ही वह उपलब्ध होगा। इतना ही नहीं उसके पर्सनल कांटेक्ट प्रोग्राम की कक्षाएं भी ऑनलाइन होंगी। छात्र चाहेगा तो  स्काइप व चैटिंग की सुविधा से शिक्षक से जुड़ सकेगा। अपना चरित्र प्रमाणपत्र, मार्कशीट, प्रोविजनल डिग्री को भी ऑनलाइन निकाल सकेगा, उसे संस्थान आकर धक्केखाने की आवश्यकता नहीं होगी।

घर बैठे हो जाएगा ऑनलाइन असेसमेंट
प्रो. दुबे ने कहा कि इस सिस्टम के आने से छात्र के हर माह या फिर प्रत्येक तीसरे माह भी ऑनलाइन असेसमेंट ऑनलाइन ही किया जा सकेगा। संस्थान यह देख सकेगा कि छात्र किसी प्रकार की नकल तो नहीं कर रहा है। इस तरह से सिक्योरिटी सिस्टम के साथ उसका असेसमेंट किया जाएगा। इस सिस्टम से जुड़े अधिकारियों के अनुसार इस बात का प्रयास किया जा रहा है कि अगले साल मई-जून तक इस सुविधा को शुरू किया जा सके। इस व्यवस्था के आने से न केवल समय की बचत होगी बल्कि पारदर्शिता भी स्थापित होगी।
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