बार-बार पर्चा लीक होने की फजीहत झेल रहे हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ऐसी तकनीक पर काम कर रहा, जिससे परीक्षा पूरी तरह ‘लीक-प्रूफ’ हो।
यह ऐसी तकनीक होगी, जिसमें प्रश्नपत्रों के बंडल पर बोर्ड निगाह रख सकेगा। अपनी तरह की पहली और अनूठी इस तकनीक से पर्दा कुछ दिन में उठेगा।
सब ठीक रहा तो इन्हीं परीक्षाओं में इसका ‘ट्रायल टेस्ट’ हो सकता है। इस साल सालाना परीक्षा का पहला पर्चा लीक होने की घटना ने शिक्षा बोर्ड प्रशासन को विचलित कर दिया। पर्चा लीक कैसे हुआ और किसने किया, अभी इन सवालों का जवाब तो फिलहाल नहीं मिल पाया।
लेकिन, इतना संकेत जरूर है कि समय से पहले प्रश्न-पत्र बंडल खोलकर पर्चा लीक किया गया। विगत वर्षों में हुई पर्चा लीक की घटनाओं के पीछे भी इसी तरह की खुराफात की संभावना जताई गई।
बीते पांच मार्च को बारहवीं का अंग्रेजी का पर्चा लीक होने के बाद से ही बोर्ड प्रशासन प्रश्न-पत्रों के बंडल से होने वाली छेड़छाड़ को रोकने के लिए माथापच्ची कर रहा है।
सूत्र बताते हैं कि तय समय से पहले प्रश्न-पत्र बंडल न खुल पाए, इसी को ध्यान में रखकर नई तकनीक पर काम हो रहा है। काम भी करीब-करीब पूरा हो चुका है।
मोबाइल के माध्यम से ऑपरेट होने वाली इस तकनीक के माध्यम से प्रश्न-पत्रों के लिफाफों पर बोर्ड की अंतिम क्षणों तक नजर रहेगी। यह तकनीक अगर कामयाब रही तो इस तरह का देश का पहला ‘मैकेनिज्म’ होगा।