पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस (पीयू) में फीस बढ़ाने और 9 छात्रों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करने का मामला वीरवार को भी सुलझ नहीं सका।
एसएफएस और एसएफआई के बाद अन्य छात्र संगठन भी मामले को लेकर पीयू की सड़कों पर उतर आए। वीरवार को पूरे कैंपस में चक्का जाम जैसी स्थिति रही। वीसी दफ्तर के बाहर देर शाम तक विरोध प्रदर्शन का दौर जारी रहा।
मांगों को लेकर वीरवार सुबह 10 बजे लॉ विभाग पर ताला जड़ दिया गया। इनसो और अन्य छात्र संगठन भी विरोध प्रदर्शन करने वालों में शामिल हो गए।
कक्षाओं में बैठे विद्यार्थियों को जबर्दस्ती बाहर निकाला गया। देखते ही देखते स्थिति तनाव पूर्ण हो गई। सभी विभागों से विद्यार्थियों को निकालकर वीसी दफ्तर के सामने धरना स्थल पर एकजुट किया गया।
दोपहर करीब एक बजे तक सैकड़ों की संख्या में विद्यार्थियों ने पीयू प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पीयू कैंपस में झंकार को लेकर लगाए गए सभी होर्डिंग को भी फाड़ दिया गया।
पीयू मार्केट और स्टूडेंट सेंटर की दुकानों पर लगे ताले
छात्र नेताओं ने पहले पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट सेंटर की दुकानों को बंद कराया। छात्र नेताओं और दुकानदारों की इस बात को लेकर काफी देर तक कहासुनी भी हुई।
कुलपति खेद जताने आए छात्रों के बीच
तीन दिन से पीयू कैंपस में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बाद आखिर वीरवार को पीयू कुलपति प्रो.अरुण कुमार ग्रोवर विद्यार्थियों के बीच पहुंचे। दोपहर बाद प्रो.ग्रोवर ने पीयू कैंपस में विद्यार्थियों के खिलाफ हुई मामले को लेकर खेद जाता।
पीयू प्रशासन बैकफुट पर
पीयू कैंपस में खराब होते माहौल के बाद पीयू प्रशासन को भी बैकफुट पर आना पड़ा। वीरवार को पीयू कुलपति प्रो.अरुण कुमार ग्रोवर, डीएसडबल्यू प्रो.नवदीप गोयल और अन्य अधिकारियों की सभी छात्र संगठनों के प्रतिनिधितियों के साथ 2-3 बार मीटिंग का दौर चला।
पीयू प्रशासन के अधिकारियों ने छात्र नेताओं को फीस बढ़ोतरी के प्रस्ताव को फिर से 22 मार्च को सीनेट में लाने का प्रस्ताव रखा। 9 विद्यार्थियों के खिलाफ पुलिस में दर्ज केस में भी सकारात्मक भूमिका की बात कही।
दोनों पक्षों में मीटिंग का कोई नतीजा नहीं निकला। शाम को फिर से कुलपति दफ्तर के सामने नारेबाजी का दौर शुरू हो गया।
9 विद्यार्थियों को मिली जमानत
मंगलवार को पुलिस और विद्यार्थियों के बीच हुई हिंसक वारदात के बाद 9 विद्यार्थियों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कर लिया गया था। वीरवार को सभी को आरोपी विद्यार्थियों को जमानत दे दी गई।