लखनऊ विश्वविद्यालय में पढ़ रहीं छात्राओं के लिए अच्छी खबर है। यूनिवर्सिटी की डिस्पेंसरी में अब एक महिला डॉक्टर भी तैनात की जाएगी।
अभी तक डिस्पेंसरी में तीनों पुरुष डॉक्टर ही हैं।
छात्रसंघ
चुनाव पर प्रतिबंध लगने के बाद लविवि में छात्राओं की संख्या में काफी
बढ़ोतरी हुई है। पिछले वर्ष तक छात्राओं की संख्या 60 प्रतिशत तक पहुंच
चुकी है।
इसके बाद से डिस्पेंसरी में महिला डॉक्टर की तैनाती की मांग ने
जोर पकड़ लिया था। शासन द्वारा स्थायी पद मंजूर नहीं मिलने के कारण मामला
लटका हुआ था।
बीच का रास्ता निकालते हुए विवि ने शासन को स्थायी पद के बजाय
महिला डॉक्टर को संविदा पर नियुक्त करने की अनुमति मांगी है। संविदा पर
महिला डॉक्टर की तैनाती के लिए विवि ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है।
शासन
पर डॉक्टर के वेतन का अतिरिक्त भार न पड़ने के कारण उम्मीद जताई जा रही है
कि प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाएगी। इसके अलावा अब विवि के सभी हॉस्टलों में
प्राथमिक उपचार के लिए अब फर्स्ट-एड किट उपलब्ध कराई जाएगी।
अधिष्ठाता
(छात्र कल्याण) प्रो. हर्षमोहन के अनुसार ये किट सभी हॉस्टलों के
प्रोवोस्टों को दी जाएगी। उन्होंने बताया कि डिस्पेंसरी में संविदा पर
महिला डॉक्टर की तैनाती के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।