इंजीनियरिंग की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन(जेईई) मेंस में आवेदन करने वाले युवाओं की संख्या में आश्चर्यजनक तौर पर इस साल करीब डेढ़ लाख की कमी दर्ज की गई है। गत वर्ष जहां 13.56 लाख अभ्यर्थियों ने जेईई मेंस के लिए आवेदन किया था वहीं, इस साल 12.07 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया।
सीबीएसई की ओर से अप्रैल में जेईई मेंस परीक्षा का आयोजन कराया जाएगा। परीक्षा की आवेदन प्रक्रिया 11 जनवरी को संपन्न हो गई थी। इस साल परीक्षा में देशभर से 12.07 लाख युवा शामिल होंगे। वर्ष 2014 में इस परीक्षा में 13.03 लाख और वर्ष 2015 में इस परीक्षा में 13.56 अभ्यर्थी शामिल हुए थे।
न केवल देशभर में बल्कि प्रदेश स्तर पर भी इंजीनियरिंग बुरे दौर से गुजर रही है। उत्तराखंड तकनीकी विवि के संबद्ध कॉलेजों की सीटें भरने का ग्राफ भी तेजी से गिर रहा है। करीब 12 हजार बीटेक सीटों में से लगभग तीन हजार सीटें ही भर पाती हैं। इस साल भी बीटेक में महज 3500 सीटें ही भर पाई हैं।
कई बीटेक कॉलेज तो बंद हो चुके हैं। इंजीनियरिंग विशेषज्ञों के मुताबिक मार्केट में लगातार आ रही गिरावट की वजह से इंजीनियरिंग में रोजगार के मौके कम होते जा रहे हैं। लिहाजा, इंजीनियरिंग का क्रेज भी कम होता जा रहा है।
आज से करें जेईई मेंस में त्रुटि सुधार
जेईई मेंस परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी आवेदन की त्रुटियों में बृहस्पतिवार से सुधार कर सकते हैं। सीबीएसई ने अभ्यर्थियों के लिए यह सुविधा दी है। खास बात यह है कि एक अभ्यर्थी केवल एक बार ही अपने आवेदन में सुधार कर सकता है।
सीबीएसई की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक जिन अभ्यर्थियों से जेईई मेंस के ऑनलाइन आवेदन में गलती हो गई है, वह बृहस्पतिवार से वेबसाइट पर ऑनलाइन त्रुटि सुधार कर सकते हैं। इसमें परीक्षा के माध्यम, परीक्षा केंद्र आदि महत्वपूर्ण बदलाव नहीं किए जा सकेंगे। इसके अलावा नाम, पता आदि में बदलाव किए जा सकते हैं।
बोर्ड ने त्रुटि सुधार की अंतिम तिथि 31 जनवरी तय की है। परीक्षा विशेषज्ञ विपिन बलूनी के मुताबिक यहां इस बात का खास ध्यान रखने की जरूरत है कि एक अभ्यर्थी केवल एक बार ही त्रुटि सुधार करके उसे लॉक कर सकता है। इसलिए जो भी त्रुटि सुधार है सभी एक बार में कर लें। इसके बाद मौका नहीं दिया जाएगा। जो डाटा अभी फीड कर देंगे, वही एडमिशन तक मान्य होगा।
यहां करें त्रुटि सुधार : www.jee.main.nic.in