दिल्ली की आईपी यूनिवर्सिटी में खाली सीटों पर विश्वविद्यालय प्रबंधन शुक्रवार से सप्लीमेंट्री ऑनलाइन काउंसलिंग करवा सकेगा। सर्वोच्च न्यायालय ने खाली सीटों को भरने के लिए कुछ शर्तों के साथ विश्वविद्यालय प्रबंधन को इजाजत दे दी है। लगभग छह हजार से अधिक खाली सीटों पर आईपीयू प्रबंधन 21 अक्तूबर तक दाखिला दे सकेगा।
आईपीयू ने खाली सीट भरने के लिए 1 सितंबर को स्पेशल ऑनलाइन काउंसलिंग की थी। इसके विरोध में आईपीयू से मान्यता प्राप्त कॉलेज प्रबंधन ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करते हुए उसे गलत करार दिया था। हालांकि बाद में छात्र भी अदालत पहुंच गए।
उनका कहना था कि आईपीयू ने काउंसलिंग देरी से शुरू की। अगस्त के आखिर तक वे अपने नंबर का इंतजार करते रहे। इसी बीच अन्य विश्वविद्यालयों में दाखिले बंद हो गए। ऐसे में यदि स्पेशल काउंसलिंग के तहत उनको दाखिला नहीं मिलता है तो उनका साल खराब हो जाएगा। वहीं, आईपीयू ने भी छह हजार सीटों के खाली होने का हवाला दिया। सुनवाई के बाद अदालत ने छात्र हित को देखते हुए बृहस्पतिवार को आईपीयू को दाखिले के लिए राहत दी है।
शुक्रवार से शुरू
. आईपीयू शुक्रवार (17 अक्तूबर) सुबह ऑनलाइन काउंसलिंग विंडो ओपन कर देगा। इसको सप्लीमेंट्री ऑनलाइन काउंसलिंग का नाम देना अनिवार्य होगा।
. जिनको आईपीयू की पूर्व तीन काउंसलिंग में किसी भी कॉलेज या विवि कैंपस में सीट अलॉट हुई होगी, वे इसमें भाग नहीं ले सकेंगे।
. आईपीयू 1 सितंबर और 28 अगस्त को विवि द्वारा जारी नोटिफिकेशन में उपलब्ध खाली सीटों के आधार पर ही दाखिला कर सकेगा।
. आईपीयू को 21 अक्तूबर तक ही खाली सीटों पर दाखिले करने होंगे। इसके बाद किसी भी छात्र समेत विवि को छूट नहीं मिलेगी।
. जिन छात्रों ने सीट अलॉट होने के बाद भी कॉलेज में दाखिला नहीं लिया वे भी इस काउंसलिंग में भाग नहीं ले सकेंगे।
. काउंसलिंग प्रक्रिया अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम की खाली सीटों पर ही आयोजित होगी।