नई दिल्ली की आईपी यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने शैक्षणिक सत्र 2014-15 के एडमिशन नियमों में बदलाव किया है।
ऑनलाइन काउंसलिंग के तहत रजिस्ट्रेशन के बाद सर्टिफिकेट अपलोड करने की बजाय अब विद्यार्थियों को कैंपस में जमा करवाने होंगे। इसके लिए छह जून तक का समय दिया गया है।
आईपी यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने दाखिला नियमों में बदलाव करते हुए पहली बार 11 डिग्री प्रोग्राम में सीट अलॉटमेट प्रक्रिया ऑनलाइन की है।
ऑनलाइन काउंसलिंग के चलते छात्रों को कैंपस में चक्कर नहीं लगाने होंगे, लेकिन दाखिले के लिए स्कूल, डिग्री व आरक्षित वर्ग का लाभ लेने वाले सर्टिफिकेट कैंपस में आकर ही जमा करवाने होंगे।
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जिन छात्रों का रिजल्ट नहीं आया होगा, उन्हें दस रुपये के स्टांप पेपर के साथ हलफनामा जमा करवाना होगा। साथ ही एक हजार रुपये की काउंसलिंग फीस जमा करने का प्रमाण पत्र भी देना होगा।
इसके अलावा ऐसे छात्रों को अपनी डिग्री के पहले, दूसरे वर्ष के एक से पांच सेमेस्टर की सत्यापित मार्कशीट जमा करवानी होगी।
डिस्टेंस/ओपन मोड ऑफ एजुकेशन/ओपन स्कूल से पास आउट छात्रों को स्टडी सेंटर के साथ उक्त विश्वविद्यालय से मिली एडमिशन स्लिप भी देनी होगी। उक्त सभी वर्ग के छात्रों को सर्टिफिकेट जमा करने के साथ-साथ ऑनलाइन काउंसलिंग फीस की रसीद दिखानी भी जरूरी होगा।
हेल्प डेस्क दे सकता है विशेष स्वीकृति
प्रबंधन के मुताबिक, यदि किसी कारण से कोई छात्र ऑनलाइन काउंसलिंग के रजिस्ट्रेशन से चूक जाता है तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है। क्योंकि आईपीयू द्वारा पहली बार गठित हेल्प डेस्क ऐसे छात्रों की मदद करेगा, जो काउंसलिंग में भाग नहीं ले सकें होंगे। हेल्प डेस्क की विशेष स्वीकृति पर ऐसे छात्र बाद में भी ऑनलाइन काउंसलिंग में भाग ले सकेंगे।
सर्टिफिकेट कैंपस में जमा करवाने होंगे
आईपीयू के रजिस्ट्रार एडमिशन ब्रिगेडियर पीके उपमन्यु ने बताया कि ऑनलाइन काउंसलिंग के छात्रों को भी सर्टिफिकेट अपलोड करने की बजाय उसकी फोटो कॉपी कैंपस में जमा करवानी होगी। एमसीए और बीसीए डिग्री प्रोग्राम के जिन छात्रों ने ऑनलाइन काउंसलिंग की एक हजार रुपये की फीस के साथ रजिस्ट्रेशन कर दिया होगा, उन्हें अपने सर्टिफिकेट और आरक्षित वर्ग से संबंधित दस्तावेज कैंपस में जमा करवाने होंगे।