प्रदेश के डिग्री कॉलेजों और विवि को अब रोजगार परक शिक्षा की ओर अग्रसर होना होगा। उच्च शिक्षा विभाग के नए आदेशों के तहत डिग्री कॉलेजों और विवि को अब पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों को इंटर्नशिप भी करानी होगी।
विभाग ने विभिन्न कोर्सेज और विषयों में इंटर्नशिप कराने के निर्देश दिए हैं। नई व्यवस्था में कोर्सेज को रोचक और रोजगारपरक बनाने के लिए अपडेट किया जाएगा। रोजगार से पहले विद्यार्थियों को व्यवहारिक ज्ञान कराने के उद्देश्य से इंटर्नशिप कराने की पहल की गई है।
उद्योगों के साथ मिलेगा जुड़ने का मौका
यूपीटीयू और सीसीएसयू से संबद्ध इंजीनियरिंग और सेल्फ फाइनेंस तकनीकी कॉलेजों में ही छात्रों की इंटर्नशिप कराने के प्रयास किए जाते हैं। सरकारी और डिग्री कॉलेजों के छात्रों को इसका लाभ नहीं मिलता है।
उच्च शिक्षा विभाग की पहल इंटर्नशिप के जरिए छात्रों को उद्योगों के साथ जुड़ने का मौका दिलाने का है। इंटर्नशिप के बाद छात्रों को रोजगार हासिल करने में आसानी भी होगी। उच्च शिक्षा प्रमुख सचिव नीरज गुप्ता ने इस बाबत आदेश जारी किए हैं।
प्रैक्टिकल नॉलेज व व्यवहारिक ज्ञान हासिल होगा
औद्योगिक संस्थानों में छात्र-छात्राओं को इंटर्नशिप का बेहद लाभ मिलेगा। इससे छात्र औद्योगिक जगत में काम करने का व्यवहारिक ज्ञान सीख सकेंगे। प्रैक्टिकल ज्ञान मिलने का सबसे ज्यादा फायदा होगा। इंटर्नशिप में मिलने वाले प्रमाण-पत्र से रोजगार हासिल करने में आसानी होगी।