लखनऊ विश्वविद्यालय व डिग्री कॉलेजों में पोस्ट ग्रेजुएशन में इंटरनल असेसमेंट आज से शुरू होगा। एलयू के जियोग्राफी विभाग में सुबह नौ बजे से यह प्रक्रिया शुरू होगी। पहले दिन जियोग्राफी थॉट विषय का मिड टर्म टेस्ट होगा।
इसके बाद प्रेजेंटेशन, स्टूडेंट्स की उपस्थिति के नंबर भी जोड़े जाएंगे। विवि प्रशासन ने एमए कोर्स में इंटरनल असेसमेंट के लिए सभी विभागों व डिग्री कॉलेजों को निर्देश दिए हैं कि वे 31 अक्तूबर से पहले इंटरनल असेसमेंट करवा लें।
30 नंबर के असेसमेंट मे 15 नंबर का मिड टर्म टेस्ट, 10 नंबर का प्रेजेंटेशन और पांच नंबर उपस्थिति के होंगे। वहीं, डिग्री कॉलेजों में अभी इंटरनल असेसमेंट को लेकर भ्रम की स्थिति हैं।
कई कॉलेजों में अभी तक इस संबंध में कोई निर्देश नहीं दिए गए हैं। कालीचरण पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. देवेंद्र सिंह का कहना है कि इंटरनल असेसमेंट के संबंध में परीक्षा नियंत्रक का पत्र पूर्व में मिला था।
लेकिन 31 अक्तूबर तक किन विषयों के असेसमेंट कराए जाने हैं, यह सूचना नहीं मिली है। फिर भी पूर्व में मिली सूचना के आधार पर इंटरनल असेसमेंट कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि टीचर्स 30 नंबरों का मूल्यांकन अपने स्तर पर कर रहे हैं। कुछ कोर्स में तो यह असेमेंट हो गया है। वहीं, करामत हुसैन मुस्लिम गर्ल्स कॉलेज में भी पीजी में इंटरनल असेसमेंट की कोई तैयारी नहीं है।
यहां विवि से निर्देश मिलने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। वहीं, जय नारायण पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसडी शर्मा कहते हैं कि उनके यहां इंटरनल असेसमेंट की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
31 अक्तूबर तक सभी विभागों में यह काम पूरा कर लिया जाएगा। उनका कहना है कि जो छात्र-छात्राएं इस प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे, उन्हें दोबारा मौका नहीं दिया जाएगा।
जो स्टूडेंट्स कक्षाओं में उपस्थित नहीं हुए हैं, उन्हें उपस्थिति के पांच नंबर में जीरो नंबर दिए जाएंगे। इस व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाएगा।
वहीं, डीएवी पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राम विशाल त्रिपाठी का कहना है कि उनके यहां भी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। एमए प्राचीन भारतीय इतिहास विषय के स्टूडेंट्स को जानकारी दे दी गई है।
वहीं, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने बीती 17 अक्तूबर को इस मसले पर एक बैठक की थी, तो सभी कॉलेजों को निर्देश दिए थे कि वे अपने यहां जो मिड टर्म टेस्ट करवाएं, उसका पेपर खुद बनाएं और कॉपी भी कॉलेज में ही चेक करवाएं।
लेकिन इसकी एक फोटोकॉपी यूनिवर्सिटी को भेजना अनिवार्य होगा। ऐसे में इंटरनल असेसमेंट अगर डिग्री कॉलेजों में न हुआ तो आगे इसे करवाना कठिन होगा, कारण कि अभी तमाम कॉलेज भ्रम की स्थिति में हैं।
15 नंबर का मिड टर्म टेस्ट होगा। इसमें चार नंबर के दो लघु उत्तरीय सवाल व सात नंबर का एक दीर्घउत्तरीय सवाल पूछा जाएगा। इस पेपर को खुद सब्जेक्ट टीचर तैयार करेगा और वही कॉपी भी जांचेगा।
इसके अलावा 10 नंबर का प्रेजेंटेशन होगा। इसमें फील्ड वर्क, लाइब्रेरी कार्य व टर्म पेपर में से कोई एक चीज स्टूडेंट को प्रस्तुत करनी होगी, जबकि पांच नंबर उपस्थिति के होंगे।