अब एलयू में पांच साल का इंटीग्रेटेड एमबीए कोर्स पढ़ाया जाएगा। रविवार को कुलपति प्रो. एसबी निमसे की अध्यक्षता में हुई इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज (आईएमएस) की गवर्निंग बोर्ड की बैठक में यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया।
पांच साल के इस इंटीग्रेटेड एमबीए कोर्स को अगले साल वर्ष 2016 से शुरू किया जाएगा। इसमें इंटरमीडिएट पास स्टूडेंट्स को दाखिला दिया जाएगा।
अगर वह तीन वर्ष बाद ही डिग्री लेना चाहेंगे तो उन्हें बीबीए ऑनर्स की डिग्री दे दी जाएगी। अगर वह पूरे पांच साल पढ़ाई करेंगे तो उन्हें एमबीए की डिग्री दी जाएगी।
गवर्निंग बॉडी ने एमबीए के सभी सात कोर्सेज और बीबीए के तीन कोर्सेज के सिलेबस को अपडेट करने को भी हरी झंडी दे दी है।
एलयू में आईएमएस के डायरेक्टर प्रो. अरविंद मोहन ने बताया कि पांच साल के इंटीग्रेटेड एमबीए कोर्स का जो सिलेबस तैयार किया जा रहा है।
उसे वर्ल्ड के टॉप बिजनेस स्कूलों में पढ़ाए जा रहे सिलेबस को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। इसे अलग शैक्षिक सत्र 2016-17 से शुरू किया जाएगा।
फॉरेन लैंग्वेज पढ़ना होगा जरूरी
प्रो. अरविंद मोहन ने बताया कि यूनिवर्सिटी में पढ़ाए जा रहे एमबीए के सभी सात कोर्सेज का सिलेबस पूरी तरह अपडेट कर दिया गया है।
इसके तहत अब सभी स्टूडेंट्स को एक फॉरेन लैंग्वेज पढ़ना अनिवार्य होगा। स्टूडेंट्स को छूट होगी कि वह फ्रेंच, जर्मन, रशियन आदि फॉरेन लैंग्वेंज में से कोई एक पढ़े।
प्रो. अरविंद मोहन ने बताया कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (निफ्ट) के साथ एमओयू किया गया है।
इसके तहत एमबीए मार्केटिंग व एमबीए रिटेल के किसी एक सेमेस्टर में निफ्ट के एक्सपर्ट्स पढ़ाने आएंगे।
वह स्टूडेंट्स को विजुअल मरकेन्डाइजिंग मतलब मार्केट साज-सज्जा से जुड़ा कोर्स व व्यवहार कुशलता का गुण सिखाएंगे।
टॉप कंपनियों में मिलेगी जॉब
निफ्ट की ओर से सभी स्टूडेंट्स को एक सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा। इसी तरह बाकी पांच एमबीए कोर्सेज में भी टॉप मैनेजमेंट संस्थानों के साथ सर्टिफिकेट प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे।
प्रो. अरविंद मोहन ने बताया कि दुनिया के टॉप बिजनेस स्कूल जिसमें देश के कई आईआईएम भी शामिल हैं उसमें प्लेसमेंट करवाने वाली एजेंसी अब एलयू में मैनेजमेंट के स्टूडेंट्स का प्लेसमेंट करवाएगी।
यह प्लेसमेंट एजेंसी प्रत्येक कोर्स में करीब पचास प्रतिशत तक स्टूडेंट्स को टॉप मल्टीनेशनल कंपनियों में जॉब दिलवाने में मददगार होगी।
इन स्टूडेंट्स को कंपनियां टॉप बिजनेस स्कूलों के स्टूडेंट्स को मिलने वाले पैकेज के समान ही पैकेज दिलवाने का काम करेगी जिसका फायदा यहां के स्टूडेंट्स के कॅरियर में मददगार होग।