बाबा साहब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में इनोवेटिव कोर्स में 50 फीसदी से कम आवेदन आने पर इस वर्ष उस कोर्स को नहीं चलाया जाएगा।
यह निर्णय शुक्रवार को प्रो. एनपीएमपी वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लिया गया।
बीबीएयू कुलपति प्रो. आरसी सोवती की संस्तुति के बाद प्रस्ताव को एकेडमिक काउंसिल में ले जाया जाएगा।
बैठक में एलएलबी, बीपीएड आदि कोर्स जल्द शुरू करने के संबंध में भी चर्चा हुई। ये कोर्स बीसीआई और एनसीटीई की मान्यता न मिलने के कारण अटके हुए हैं।
बीबीएयू में इस साल 60 इनोवेटिव कोर्सेज के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे।
इनकी अंतिम तिथि 11 जुलाई थी। जानकारी के अनुसार इनोवेटिव कोर्स में लगभग 20 ऐसे हैं, जिनके लिए इस साल 50 फीसदी से कम आवेदन आए हैं।
ऐसे में इन कोर्स का भविष्य तय करने के लिए बैठक का आयोजन किया गया।
मीटिंग में इस बात पर भी चर्चा हुई कि यदि कोई विभाग इससे कम आवेदन पर कोर्स चलाना चाहे तो क्या होगा।
इस पर यह सहमति बनी कि ऐसी स्थिति में विभाग को विशेष अनुमति लेनी होगी। इसमें बताना होगा कि वह कैसे कम आवेदन आने पर भी इस कोर्स को संचालित कर पाएगा।
उनको यह दिखाना होगा कि यदि इस साल वह समस्या में कोर्स का संचालन करते हैं तो क्या भविष्य में इसमें आवेदन बढ़ने की संभावना होगी।
बैठक में कोर्स के संचालन से संबंधित और भी कई पहलुओं पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई।