यूपी बोर्ड के दावे के बाद भी परीक्षा को लेकर बड़ी गड़बड़ी सामने आ रही है। बोर्ड की ओर से इंटरमीडिएट प्रायोगिक परीक्षाओं के लिए परीक्षकों की तैनाती में संस्कृत के शिक्षक को केमेस्ट्री एवं हिन्दी के शिक्षक को गृह विज्ञान का परीक्षक नियुक्त करने का मामला सामने आया है। बोर्ड की ओर से मनमाने तरीके से इन परीक्षकों को पत्र भेजकर संबंधित विद्यालयों में परीक्षा कराने का निर्देश जारी किया गया है।
बोर्ड की ओर से 26 दिसंबर से इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षा चल रही है। बोर्ड की ओर से परीक्षकों की जो सूची तैयार की गई है उसमें हिन्दी, नागरिक शास्त्र, संस्कृत, खेल एवं शारीरिक शिक्षा के शिक्षक को कंप्यूटर, गृह विज्ञान, रसायन विज्ञान का परीक्षक नियुक्त कर दिया गया है। बोर्ड की मनमानी से परेशान शिक्षक यूपी बोर्ड कार्यालय पहुंचकर गलती का एहसास करवा रहे हैं परंतु उनकी कोई सुनने वाला नहीं है।
सेवा समिति विद्या मंदिर इंटर कॉलेज इलाहाबाद के हिन्दी के शिक्षक राम गोपाल त्रिपाठी को गृह विज्ञान, इसी स्कूल के नागरिक शास्त्र के शिक्षक जय शंकर पांडेय को रसायन विज्ञान, हाईस्कूल में संस्कृत की शिक्षिका संगीता को इंटरमीडिएट रसायन विज्ञान एवं खेल के शिक्षक शशिकांत तिवारी को रसायन विज्ञान का परीक्षक तैनात किया गया है।