जल्द ही नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (नाइलिट, पूर्व में डोएक सोसाइटी) के स्टूडेंट्स वर्चुअल क्लास रूम में आईआईटी प्रोफेसर्स के लेक्चर ले सकेंगे।
संस्थान के सभी केंद्रों पर जनवरी में ही नेशनल कॉलेज नेटवर्क (एनकेएन) के अंतर्गत कनेक्टिविटी शुरू हो जाएगी। दिल्ली और गोरखपुर केंद्रों में वचुअल क्लास रूम बने हैं, लखनऊ में भी इस पर जल्द काम शुरू होगा।
डिपार्टमेंट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी की इस योजना से नाइलिट जुड़ा तो पहले से ही है लेकिन इंटरनेट फैसिलिटी की शुरूआत होना बाकी है। इस योजना केअंतर्गत वर्तमान में देश के लगभग 842 संस्थान जुड़े हैं।
जिनमें आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी सहित विभिन्न सेंट्रल यूनिवर्सिटी, स्टेट यूनिवर्सिटी, डीम्ड यूनिवर्सिटी, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल संस्थान, एनआईएफटी, शोध संस्थान, आदि शामिल हैं।
नाइलिट के जिन केंद्रों पर किसी विषय में फैकल्टी की समस्या होगी, वहां दूसरे केंद्र के संबंधित विषय के प्रोफेसर से वीडियो कांफ्रेंसिंग से लेक्चर कराए जाएंगे।
स्टूडेंट्स संबंधित विषय से जुड़े सवाल भी इन प्रोफेसर्स से पूछ सकेंगे। इतना ही नहीं नाइलिट इन लेक्चर्स को भविष्य के लिए रिकॉर्ड करके रखेगा।
शोध को मिलेगा बढ़ावा
इस योजना के शुरू होने के बाद शोध कार्य को भी बढ़ावा मिलेगा। शिक्षक इस नेटवर्क से जुड़े अन्य शिक्षकों, शोधार्थियों, वैज्ञानिकों से सीधा संपर्क स्थापित कर सकेंगे।
उनके लिए संबंधित विषय के क्षेत्र में हो रहे नए कार्यों, विकास आदि से खुद को अपडेट करना आसान होगा, जिसका सीधा फायदा स्टूडेंट्स को मिलेगा।
नाइलिट उत्तर प्रदेश के डायरेक्टर इंचार्ज आलोक त्रिपाठी ने बताया कि बीएसएनएल जल्द ही सभी केंद्रों को कनेक्ट कर देगा। उन्होंने बताया कि यह सुविधा नाइलिट के देश में स्थित 22 केंद्रों पर एक साथ शुरू करने की तैयारी चल रही है।