इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) के स्टूडेंट्स अब फ्रांस में पढ़ाई व रिसर्च कर सकेंगे।
आईईटी और फांस की यूनिवर्सिटी, इंस्टीट्यूट्स के बीच समझौता होगा और इसके बाद स्टूडेंट आसानी से फ्रांस में पढ़ाई और रिसर्च कर सकेंगे।
दोनों ही देशों में पढ़ाने वाले टीचर भी एक-दूसरे के इंस्टीट्यूट में पढ़ाने आएंगे। दोनों देश मिलकर साझा रिसर्च करेंगे। आईईटी और फ्रांस दूतावास के बीच इसे लेकर जल्द एमओयू साइन होगा।
27 मार्च को फ्रांस दूतावास के अधिकारी आईईटी कैंपस का दौरा करेंगे और वह यहां पर स्टूडेंट्स से हॉयर एजूकेशन पर बातचीत भी करेंगे।
आईईटी के डीन एडमिनिस्ट्रेशन प्रो. बीएन मिश्रा ने बताया कि फ्रांस दूतावास की ओर से जो टीम कैंपस का दौरा करेगी, उसमें फ्रांस यूनिवर्सिटी कॉर्पोरेशन के रिनॉड वेली, टीना जोजफ और अमितावा दास शामिल हैं।
यह टीम यहां बीटेक, एमबीए व एमसीए कोर्सेज के स्टूडेंट्स से मिलेगी और उनसे फ्रांस में किस तरह दाखिला लिया जाए और आगे वे किस तरह कॅरिअर संवारे, इसके बारे में बताएंगे।
फ्रांसिसी दल स्टूडेंट्स को बताएगा कि वे किन-किन कोर्सेज में दाखिले ले सकते हैं और इसके लिए उन्हें स्कॉलरशिप किस तरह मिल सकती है।
इसके बाद आईईटी के अधिकारियों के साथ फ्रांसिसी दूतावास का यह दल स्टूडेंट्स व फैकल्टी एक्सचेंज और साझा रिसर्च शुरू करने को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक करेगा।
दोनों के बीच एमओयू साइन किया जाएगा। प्रो. मिश्रा कहते हैं कि साझा रिसर्च शुरू करने से दोनों ही देशों को बड़ा फायदा होगा।
बीटेक के वे स्टूडेंट जो विदेश में मॉस्टर्स डिग्री करना चाहते हैं, उन्हें अब आसानी से फ्रांस में दाखिला मिलेगा। इसके अलावा स्टूडेंट्स को फ्रांस में किस तरह जॉब मिल सकती है इस संभावना पर भी चर्चा की जाएगी।
उन्होंने बताया कि फ्रांस में स्टूडेंट्स के प्लेसमेंट किस तरह आसानी से हो, इस पर भी पूरा जोर दिया जा रहा है। फिलहाल, स्टूडेंट को अब आसानी से विदेश में पढ़ने का मौका मिलेगा।