हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में नए सत्र में विभिन्न कोर्स में प्रवेश पाने वाले प्रदेश भर के छात्रों में छात्रावास में सीट पाने के लिए मारा मारी होगी। मैरिट आधार पर होने वाले इस आवंटन में मेधावी छात्रों को भी छात्रावास की सुविधा से वंचित रहना पड़ सकता है।
विवि में नए सत्र में सिर्फ 14 गर्ल्ज और ब्वॉयज छात्रावासों में सिर्फ 641 सीटें ही नए छात्रों के लिए उपलब्ध है। शेष सभी सीटें पुराने छात्रों को छात्रावास पूर्नआवंटन में पहले ही भरी जानी तय है।
करीब 34 विभागों वाले इस विश्वविद्यालय में छात्राओं के लिए 1048 और छात्रों के लिए सिर्फ 593 छात्रों को ही छात्रावास सुविधा दी जा सकती है।
कई छात्रों को पीजी में पड़ेगा रहना
इन हालात में प्रदेश भर से विवि में पीजी कोर्स में प्रवेश लेने आने वाले छात्रों को छात्रावास न मिलने की सूरत में बाहर ही महंगे कमरे लेकर रहने या फिर पीजी में ठहरने को मजबूर होना पड़ेगा। छात्र संगठन लगातार प्रशासन से हर साल छात्रों को पेश आने वाली इस समस्या का समाधान करने को नए छात्रावास निर्माण की मांग करते रहे है, मगर मांग अधूरी ही रही है।
छात्राओं के लिए बनाए जा रहे एक छात्रावास का निर्माण कार्य शायद ही नया सत्र शुरू होने से पूर्व पूरा हो। हालांकि इस 132 छात्राओं की क्षमता वाले इस छात्रावास का एक फ्लोर तैयार है, वहीं भवन का निर्माण कार्य 80 फीसदी तक पूरा हो चुका है। जिससे जाहिर है कि अगले सत्र में छात्राओं को इसमें आवंटन किया जा सकेगा। छात्रों के लिए फिलहाल ऐसी कोई राहत जल्द मिलने की उम्मीद नहीं है।
16 जुलाई तक होंगे छात्रावास को आवेदन
विवि के चीफ वार्डन प्रो. श्याम लाल कौशल का कहना है कि 16 जुलाई विभागों में प्रवेश प्रक्रिया के साथ ही विभागों के माध्यम से छात्रावासों को आवेदन जमा करवाने की अंतिम तिथि तय की गई है।
21 और 22 जुलाई को छात्रावासों का मेरिट के आधार पर आवंटन होगा। कौशल ने कहा कि लड़कियों का नए छात्रावास का निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा करवाने को निर्माण शाखा को कहा गया है। जिससे उम्मीद है कि नए सत्र में यह छात्रावास भी विवि के सुपुर्द कर दिया जाएगा।