एचपीयू में बीएड कोर्स के लिए काउंसलिंग का दूसरा दौर शुरू हो गया। पहले दौर की तरह इस दौर में भी गिनती के छात्र काउंसलिंग को पहुंचे। बिजली न होने के कारण काउंसलिंग की प्रक्रिया देरी से शुरू हुई। करीब डेढ़ बजे शुरू हुई काउंसलिंग देर शाम तक बराबर चलती रही।
काउंसलिंग कमेटी के अध्यक्ष डीन सीडीसी प्रो. एसएस चौहान, डीन प्रो. एसके शर्मा, एआर नंद लाल वर्मा के अलावा शिक्षा विभाग चेयरमैन प्रो. सुदर्शना राणा कन्वीनर थीं। काउंसलिंग में पहले दिन करीब 300 छात्र अपीयर हुए। इनमें स्नातक डिग्री में 60 फीसदी से अधिक अंक वाले और बीएड प्रवेश परीक्षा 2015 में अपीयर हुए छात्र भी शामिल थे।
इसके बाद देर शाम तक कुल छात्रों ने काउंसलिंग में हिस्सा लिया। जिनमें शिक्षा विभाग के धर्मशाला स्थित बीएड संस्थान और एचपीयू में रिक्त पदों के अलावा निजी कॉलेजों के लिए भी काउंसलिंग की गई।
प्रदेश सरकार और एचपीयू प्रशासन की खाली सीटों को भरने को पहले प्रवेश परीक्षा में 35 फीसदी अंक की शर्त हटाने और उसके बाद सिर्फ प्रवेश परीक्षा में अपीयर हुए अंत में 6 नवंबर को स्नातक डिग्री की मेरिट के आधार पर प्रवेश देने के लिए आए आदेशों के बाद दूसरे चरण की काउंसलिंग करवाई जा रही है।
प्रदेश में करीब 8950 निजी और सरकारी बीएड कॉलेजों की करीब 2300 सीटें ही भरे जाने के बाद अब इस दो दिन की काउंसलिंग में सीटें भरे जाने की उम्मीद जताई जा रही है, मगर पहले दिन कम संख्या में आए छात्रों से यह संभव नहीं लगता कि प्रवेश लेने वालों का आंकड़ा दो सौ भी पार कर पाएगा।
विवि में बीएड की खाली सीटों के लिए शुक्रवार को स्नातक परीक्षा में 50 फीसदी अंक प्राप्त करने वाले सामान्य वर्ग के छात्रों के साथ आरक्षित वर्ग एससी/एसटी/ओबीसी और पीएच के उम्मीदवारों की काउंसलिंग होगी।