हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में छात्र संगठनों के बीच हुई हिंसा के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने एससीए को भंग कर दिया है।
वहीं, झगड़े में संलिप्त पाए गए छह छात्रों को भी निष्कासित कर दिया गया है। विवि परिसर में बने हिंसा के माहौल को देखते हुए कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी ने पुलिस एफआईआर में दर्ज छह छात्रों को निष्कासित कर दिया।
इससे पहले कुलपति की अध्यक्षता में एक हाई पॉवर कमेटी की बैठक भी हुई जिसमें इस पूरे मामले पर चर्चा की गई। इसमें परिसर का माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने पर लंबी चर्चा की गई।
कुलपति बोले, हिंसा के बाद लिया फैसला
कुलपति प्रो. वाजपेयी ने कहा कि नियमों के तहत एससीए के पदाधिकारियों द्वारा परिसर का माहौल बिगाड़ने पर एससीए को भंग करने का फैसला लिया गया है।
उन्होंने कहा कि बैठक में फैसला लिया गया है कि यदि हालात में सुधार न हुआ और हिंसक घटनाएं बढ़ती रही, तो विश्वविद्यालय के छात्रावासों को भी बंद कर दिया जाएगा।
कुलपति ने सभी वार्डन को हॉस्टल में अवैध रूप से रहने वालों को रोकने के लिए औचक निरीक्षण करने निर्देश दिए हैं। साथ ही अवैध रूप से हॉस्टलों में ठहरने वाले छात्रों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के भी निर्देश दिए हैं।
अब रात को खुली नहीं रहेगी लाइब्रेरी
बैठक में मौजूदा हालात को देखते हुए पुस्तकालय भवन में पढ़ने का समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक कर दिया गया है।
पुस्तकालय रात दस बजे तक खुले नहीं रहेंगे। इस बैठक में परिसर में सुरक्षा इंतजाम और कड़े करने, बाहरी तत्वों की एंट्री पर प्रतिबंध लगाने की कार्ययोजना को भी तैयार किया गया।
बैठक में मौजूद अधिकारियों में अधिष्ठाता अध्ययन/अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. एसएस चौहान, कुलसचिव प्रो. मोहर झारटा, अधिष्ठाता एवं निदेशक व विधि विभाग, विश्वविद्यालय डीएसपी शिव चौधरी के साथ ही सभी छात्रावासों के वार्डन भी मौजूद रहे।