हिमाचल विश्वविद्यालय की अकादमिक काउंसिल ने वर्ष 2013 से यूजी डिग्री कोर्स में लागू च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम को ऑर्डिनेंस में शामिल करने के तय नियम और शर्तों के प्रारूप को मंजूरी दे दी है। अकादमिक काउंसिल की स्टैंडिंग कमेटी की अधिष्ठाता अध्ययन प्रो. लक्ष्मण सिंह की अध्यक्षता में बैठक में हुई। स्टैंडिंग कमेटी सदस्य डीन और मनोनीत सदस्यों ने एजेंडा में शामिल मामलों पर चर्चा कर मंजूरी दी। इसे अंतिम मंजूरी विवि की कार्यकारी परिषद में मिलेगी।
इसके बाद एचपीयू के ऑर्डिनेंस में शामिल किया जाएगा। स्टैंडिंग कमेटी ने यूजी डिग्री कोर्स के लिए नए सिस्टम में 120 क्रेडिट पूरे करने की शर्त को कम कर 100 क्रेडिट करने का फैसला लिया है। ऑनर्स डिग्री को 120, जबकि डबल मेजर विद एंफेसिस के लिए 135 क्रेडिट लेना अनिवार्य होगा। यूजी डिग्री के छात्र पिछले पाए क्रेडिट्स के साथ इंटर कॉलेज माइग्रेशन भी करने को भी मंजूरी दी गई।
इंटरनल असेसमेंट रेशो को 50:50 से बदलकर 70:30 किया
इंटर कॉलेज माइग्रेशन के लिए यह शर्त लगाई गई है कि नए कॉलेज में वही विषय पढ़ाए जा रहे हों। स्टैंडिंग कमेटी ने यूजी कोर्स में सेमेस्टर एंड परीक्षा और इंटरनल असेसमेंट के अनुपात/अंक विभाजन के रेशो को 50:50 से बदलकर 70:30 करने का प्रस्ताव मंजूर किया। इसमें इंटरनल असेसमेंट में भी बदलाव होगा।
नए नियम के मुताबिक सेमेस्टर में दो बार होने वाले मिड टर्म टेस्ट सिर्फ एक बार होंगे, जो 15 अंक के होगा। 5 अंक हाजिरी के, जबकि 10 सेमीनार आदि के होंगे। सेमेस्टर एंड परीक्षा 70 अंक की रहेगी। कमेटी में लाए हॉबी विषयों के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।
ईसी से अंतिम मंजूरी मिलना बाकी
इसके चलते कॉलेजों में व्यवहारिक विषय जैसे खेल, एनसीसी, एनएसएस आदि को शामिल करने का फैसला लिया है। इसमें कॉलेज, इंटर कॉलेज, इंटर यूनिवर्सिटी में भाग लेने पर छात्र को क्रमश: 1:2:3 क्रेडिट्स मिलेंगे। बैठक में मौजूद सभी डीन और मनोनीत सदस्यों ने एक एक विषय पर विस्तृत चर्चा की।
स्टैंडिंग कमेटी के अध्यक्ष प्रो. लक्ष्मण सिंह ने कहा कि यूजी के लिए लागू नई सीबीसीएस प्रणाली को ऑर्डिनेंस में शामिल करने को ये नियम बनाए गए हैं। इसे अब ईसी में अंतिम मंजूरी को ले जाया जाना है। रूसा में पेश आ रही अन्य समस्याओं को लेकर हाई पॉवर कमेटी की ओर से आए सुझावों और समस्याओं के समाधान को अलग से कॉलेज प्राचार्यों के साथ बैठक होनी है।