विश्वविद्यालय के कर्मचारियों की संयुक्त समन्वय समिति सोमवार को कुलसचिव के साथ मांगों पर बैठक करेगी। शिकायत निवारण समिति की बैठक में मानी गई सभी मांगे पूरी न किए जाने की स्थिति में कर्मचारियों की जेसीसी आंदोलन पर जाने की तैयारी में है।
जेसीसी के चेयरमैन डा. हितेश्वर ठाकुर ने कहा कि प्रशासन को इन मांगों को पूरा करने को दिया गया एक सप्ताह का अल्टीमेटम समाप्त होने के बाद सोमवार को कुलसचिव के साथ जेसीसी बैठक करेगी। इसमें यदि मानी मांगे जल्द लागू करने पर प्रशासन न माना तो, जेसीसी के बैनर तले कर्मचारियों के निर्णायक आंदोलन का ऐलान हो सकता है।
उन्होंने कहा कि जेसीसी कुलसचिव से मानी गई मांगों को लेकर जवाब मांगेगी। इसके साथ ही इन मांगों में कितनी पूरी की गई इसका जवाब मांगेगी। बैठक में यदि सकारात्मक फैसले न हुए तो प्रशासन और कर्मचारियों में टकराव की स्थिति भी बन सकती है।
आंदोलन हुआ तो ठप होगा काम
कर्मचारी यदि मांगों को लेकर आंदोलन पर उतरे तो, इससे इन दिनों चल रही यूजी और पीजी परीक्षाओं की तैयारी प्रभावित होगी। इससे रिजल्ट लटक सकता है।
यह है कर्मचारियों की मुख्य मांगे
जेसीसी के बैनर तले उठाई जा रही मुख्य मांगों में पदोन्नति से अधिकारियों के पद भरना, रिक्त पदों को भरने को भर परीक्षा शाखा में स्टाफ मुहैया करवाना, वित्तीय स्थिति सुधार को सरकार से अनुदान बढ़ोतरी करवाना, 56 करोड़ की देनदारी को विशेष ग्रांट दिलवाना, सात करोड़ के किये भुगतान का पैसा सरकार से लेना, कर्मचारियों को जनवरी 2014 से देय एरियर का भुगतान जैसी कुल 21 मांगे हैं।