विवि प्रशासन द्वारा कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी पर जेसीसी भड़क गई है। विवि अधिकारियों की कार्यशैली से नाखुश जेसीसी ने सोमवार को भी प्रशासनिक भवन के बाहर धरना जारी रखा।
जेसीसी ने आंदोलन को उग्र करते हुए विवि परिसर में धारा 144 न हटाने की स्थिति में सामूहिक अवकाश पर जाने का फैसला ले लिया है।
सोमवार को जेसीसी के मुख्य समन्वयक वरयाम सिंह के साथ मदन गोपाल शर्मा और मोहन सिंह ठाकुर धरने पर बैठे। वरयाम सिंह ने बताया कि विवि प्रशासन से कार्यकारिणी परिषद के फैसलों को पूरी तरह लागू करने की मांग की जा रही है।
इसके अलावा विवि प्रशासन से पदोन्नति के मामले में शीघ्र आदेश जारी करने की भी मांग कर रहे हैं। सोमवार को जेसीसी के सदस्यों ने विश्वविद्यालय के समस्त कर्मचारियों से असहयोग आंदोलन पर जाने के लिए अपील की प्रतियां बांटी।
हितेश्वर ठाकुर ने बताया की धारा 144 की आड़ लेकर प्रशासन कार्यकारिणी परिषद और कोर्ट सदस्य के चुनाव करवाने में आनाकानी कर रहा है।
विवि कर्मी अपने दायरे में रह कर शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव करवाने के पक्षधर हैं। तर्क दिया कि जब विवि में राजनैतिक दलों के नेता कार्यक्रमों में शिरकत कर सकते है और छात्र संगठनों के कार्यक्रम हो सकते हैं तो फिर कर्मचारियों के चुनाव क्यों नहीं हो सकते?