प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी की वार्षिक परीक्षाओं में 11 प्रशिक्षु इंजीनियरों को नकल करते हुए पकड़ गया है। परीक्षा केंद्र पर सरेआम नकल करने पर टेक्निकल यूनिवर्सिटी के फ्लाइंग स्कवायड ने सभी नकलचियों के यूएमसी (अनफेयर मिन्स केस) केस बना दिए हैं।
अब वार्षिक परीक्षाएं खत्म होने के बाद टेक्निकल यूनिवर्सिटी की विशेष कमेटी इन मामलों का निपटारा करेगी। नकल करने वाले सभी विद्यार्थियों को विवि की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी होने वाले हैं। प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी हमीरपुर सोमवार, 7 दिसंबर से इंजीनियरिंग, बी-फार्मेसी, एमबीए, एम-फार्मा तथा एमटेक की वार्षिक परीक्षाओं का प्रदेश के 32 परीक्षा केंद्रों पर संचालन कर रही है।
दूसरे ही दिन विवि ने ऑनलाइन परीक्षा केंद्र से सीसीटीवी के जरिये इंजीनियरिंग के एक छात्र को मंडी में स्थापित परीक्षा केंद्र पर नकल करते हुए धर लिया। बुधवार को विवि ने इंजीनियरिंग की परीक्षा दे रहे दस अन्य छात्रों से भी पर्चियों समेत नकल की अन्य सामग्री बरामद की।
इस पर विवि ने सभी 11 नकलचियों के यूएमसी केस बना दिए हैं। हैरानी की बात है कि जून माह में वार्षिक परीक्षाओं में भी नकल करने पर 33 इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों को एक और दो-दो सेमेस्टर के लिए निष्कासित किया जा चुका है।
टेक्निकल यूनिवर्सिटी पहले, तीसरे, पांचवे और सातवें सेमेस्टर समेत स्पेशल चांस की परीक्षाओं का संचालन कर रही है। विवि ने परीक्षा में नकल करने पर 11 इंजीनियरिंग की छात्रों के यूएमसी केस बनाए हैं। सभी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के बाद सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। -प्रो. वीपी पटियाल, परीक्षा नियंत्रक, हिप्र टेक्नीकल यूनिवर्सिटी हमीरपुर