शिक्षकों की कमी और तकनीकी की दौड़ में पिछड़ रहे सूबे के पॉलीटेक्निक कॉलेजों के एजुकेशन सिस्टम में हाइटेक बनाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
प्रदेश के 99 राजकीय और 19 एडेड पॉलीटेक्निक कॉलेजों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए वर्चुअल क्लासरूम तैयार होंगे। सभी वर्चुअल क्लासरूम नोएडा में बनाए जाने वाले सेंट्रल वर्चुअल क्लासरूम से जुड़ेंगे।
यहीं से देशभर के एक्सपर्ट शिक्षक छात्रों की क्लासेज लेंगे। इसके अलावा अब छात्रों को इंटरनेट पर ई-स्टडी मेटेरियल के साथ ऑडियो विजुअल मेटेरियल भी उपलब्ध होगा।
प्रदेश के 99 राजकीय और 19 एडेड कॉलेजों में शिक्षकों के करीब 25 से 40 फीसदी पद खाली पड़े हुए हैं। शिक्षकों की कमी, शैक्षिक बदलावों और तकनीकी के मामले में कॉलेजों को अपडेट करने के लिए प्रदेश सरकार ने ड्रेगोनफाई एजुकेशन प्राइवेट कंपनी के साथ करार किया है। करार के तहत क्वालिटी इंप्रूवमेंट प्रोग्राम चलाया जाएगा।
चार ब्रांचेज में चलेगा प्रोग्राम
प्रोग्राम के शुरुआत में मेकेनिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक्स और सिविल ब्रांच में प्रोग्राम चलाया जाएगा। इन चारों ब्रांच के छात्र-छात्राओं के लिए वर्चुअल क्लास रूम चलाई जाएंगी। साथ ही इंटरनेट पर छात्रों को अपने कोर्स से जुड़े पर्याप्त ई-मेटेरियल उपलब्ध होगा। इसके अलावा शिक्षकों को एकेडमिक बदलावों से अपडेट कराने और वर्चुअल सिस्टम से सामंजस्य बिठाने के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम भी चलाया जाएगा। इसमें देश के जाने-माने एक्सपर्ट शिक्षकों ट्रेनिंग देंगे।
छात्रों का होगा असेसमेंट
क्वालिटी इंप्रूवमेंट प्रोग्राम में वर्चुअल क्लासेज में छात्र-छात्राओं को समय-समय पर असेसमेंट भी हेागा। असेसमेंट के लिए विद्यार्थियों को असाइनमेंट्स भी दिए जाएंगे, जिन्हें छात्रों को पूरा करना होगा।