यूजीसी ने 100 साल से अधिक पुराने कॉलेजों के कैंपस को संरक्षित करने के उद्देश्य से देशभर के 19 कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों को विरासत का दर्जा दिया है।
इनमें अमृतसर का खालसा कॉलेज और जालंधर का गर्ल्स कॉलेज शामिल हैं। आयोग इन कॉलेजों को विरासत के संरक्षण, सुधार और अपग्रेडेशन के लिए वित्तीय मदद उपलब्ध कराएगा।
जालंधर गर्ल्स कॉलेज की स्थापना 1886 में हुई थी जबकि अमृतसर के खालसा कॉलेज का नींव पत्थर 1892 में रखा गया था। खालसा कॉलेज के लिए महाराजा रणजीत सिंह समेत कई लोगों ने भूमि दान की थी।
आर्किटेक्ट रामसिंह ने इस कॉलेज का डिजाइन तैयार किया। आयोग ने विरासत कॉलेज योजना के तहत विभिन्न कॉलेजों से प्रस्ताव आमंत्रित किए थे।
आयोग को 60 कॉलेजों का आवेदन मिला था जिनमें दिल्ली का कोई कॉलेज शामिल नहीं था। चयन समिति ने इनमें से 19 कॉलेजों के विरासत दर्जे को मंजूरी दी है।
खालसा कॉलेज दुनिया में एक पहचान रखता है। इस कॉलेज में आज कॉलेज को हेरिटेज का दर्जा दिया जाना सार्थक कदम है।
-धमेंद्र सिंह रटौल, कॉलेज प्रबंधक कमेटी के संयुक्त सचिव