डिग्री कॉलेजों के स्टूडेंट्स को अब परीक्षा से संबंधित कार्य व अन्य समस्याओं के हल के लिए एलयू के चक्कर नहीं काटने होंगे।
कॉलेजों में हेल्प-डेस्क खोली जाएंगी, जो स्टूडेंट्स की समस्याएं सुनेंगी और एलयू हेल्प-डेस्क के नोडल अधिकारियों के माध्यम से समस्याएं दूर करेगा।
लखनऊ विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक एसके शुक्ला ने सभी कॉलेजों के प्राचार्यों को निर्देश दिए कि वे अपने यहां हेल्प डेस्क बनाएं।
अपने स्तर पर एक नोडल अधिकारी नामित करें और इसके खुलने व बंद होने का समय तय करें। यही नहीं, डिग्री कॉलेज हेल्प डेस्क के बारे में जानकारी देने के लिए उसका व्यापक प्रचार करें।
कॉलेज के कैंपस में जगह-जगह डिस्प्ले बोर्ड लगाएं और उसके माध्यम से हेल्प डेस्क पर तैनात नोडल अधिकारी का नाम व मोबाइल नंबर स्टूडेंट्स को बताएं।
लखनऊ विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक एसके शुक्ला ने बताया कि डिग्री कॉलेजों के स्टूडेंट्स की सहूलियत के लिए यह हेल्प डेस्क खुलेगी। नोडल अधिकारी एलयू प्रशासन के अधिकारियों से संपर्क कर समस्याओं का समाधान करेगा।