सत्र 2014-15 में नर्सरी में दाखिलों के लिए दिशा-निर्देशों की बाट जोह रहे स्कूलों और अभिभावकों का इंतजार अब लंबा नहीं खिचेगा। इस सप्ताह के अंत तक गाइडलाइंस आने की संभावना जताई जा रही है।
बुधवार को दाखिले के संबंध में कोर्ट में सुनवाई होनी है। उसके बाद कुछ हद तक स्थिति साफ हो जाएगी। क्षा निदेशालय ने 12 दिसंबर को कोर्ट में आवेदन दायर कर मोहलत मांगी थी।
आवेदन में कहा गया था कि हाईकोर्ट के 25 सितंबर के आदेश के मद्देनजर दाखिला संबंधी दिशा-निर्देश पर काम पूरा हो दिया है। इस पर केवल मंत्रिपरिषद की राय लेनी थी। इसी बीच दिल्ली में चुनाव आचार संहिता लागू हो गई।
इसके बाद मंत्रिपरिषद की राय नहीं ली जा सकी। सरकार के गठन के बाद ही मंत्रिपरिषद का गठन होगा, लिहाजा कुछ समय लग सकता है। माना जा रहा है कि कोर्ट के रुख के बाद निदेशालय गाइडलाइंस जारी कर सकता है।
इसमें बदलाव होंगे या नहीं, इस पर कोई साफ राय नहीं है। संभावना है कि प्वाइंट सिस्टम में नेबरहुड मानक प्रमुखता के साथ रहेगा। निदेशालय का प्रयास है कि दाखिले के समय अभिभावकों को किसी तरह की परेशानी न हो और पारदर्शिता भी बनी रहे।
गौरतलब है कि शिक्षा निदेशक अमित सिंघला पहले ही कह चुके हैं कि इस मामले पर जो भी निर्णय लेना है, वह उपराज्यपाल को लेना है। नेशनल प्रोग्रेसिव स्कूल कॉन्फ्रेंस (एनपीएससी) की अध्यक्ष अमिता मूला वॉटल ने कहा कि अब बुधवार को इस संबंध में एनपीएससी की बैठक में भी चर्चा की जाएगी।