हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने पहली बार एतिहासिक फैसला सुनाते हुए 3125 परीक्षार्थियों का रिजल्ट रद करने का फैसला लिया है। बोगस एसएलसी (स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट) मामले में इन बच्चों को ‘राहत’ देने के तत्कालीन चेयरमैन के फैसले की पुष्टि (कनफर्मेशन) से इनकार करने के बाद यह कड़ा कदम उठाया गया।
शिक्षा बोर्ड के इतिहास में संभवतया यह पहला मौका है, जब बोर्ड को अपने चेयरमैन के फैसले को पलटने का निर्णय लेना पड़ा। ये बच्चे प्रदेश के 455 स्कूलों के हैं और ज्यादातर पलवल, फरीदाबाद जिलों से हैं।
शिक्षा बोर्ड ने पूर्व में लिये गए निर्णय की पुष्टि नहीं की, इसलिए सभी 3125 परीक्षार्थियों का रिजल्ट क्वेश (निरस्त) करने का निर्णय लिया गया है। इन परीक्षार्थियों से ली गई फीस भी वापस नहीं होगी, क्योंकि गलती परीक्षार्थियों की है। इन्होंने गलत कागज लगाकर आवेदन किया है।
पंकज, सेक्रेटरी हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (भिवानी)