हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड से 12वीं कक्षा में नॉन मेडिकल की पढ़ाई करने वाले लाखों विद्यार्थियों को तगड़ा झटका लगा है। बोर्ड के जिन विद्यार्थियों ने इस बार इंजीनियरिंग में दाखिले के लिए ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) दिया था, वह सभी परिणाम जारी होने से पहले ही डिसक्वालीफाई हो गए हैं।
यह झटका विद्यार्थियों की गलती से नहीं, बल्कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड प्रशासन की मनमानी की वजह से लगा है। हरियाणा बोर्ड ने 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम समय पर घोषित नहीं किया है।
हरियाणा बोर्ड के अधिकारियों की ओर से 05 जून को सीनियर सेकेंडरी का परीक्षा परिणाम घोषित करने की बात कही जा रही है, लेकिन अब इस परिणाम के घोषित होने से उन विद्यार्थियों का किसी भी प्रकार से भला नहीं होने वाला है, जिन्होंने जेईई की परीक्षा उत्तीर्ण कर रखी है।
जेईई की परीक्षा करा रहे केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 15 मई को सर्कुलर जारी कर देश भर के सभी शिक्षा बोर्डों को स्पष्ट कर दिया था कि जो डाटा विद्यार्थियों ने उपलब्ध कराया है और जो बोर्ड की ओर से उन्हें सौंपा गया है, वह एक जैसा नहीं है, जिसके बाद सीबीएसई ने सभी बोर्डों से 31 मई तक अपना-अपना डाटा साइट पर अपडेट करने (परीक्षा परिणाम जारी करने) का आग्रह किया।
साथ ही यह भी कहा था कि ऐसा न करने पर उस बोर्ड से जुड़े जेईई विद्यार्थियों को डिसक्वालीफाई मान लिया जाएगा। इसके लिए सीबीएसई कोई नोटिस नहीं जारी करेगा, लेकिन हरियाणा बोर्ड ने इस सर्कुलर को गंभीरता से नहीं लिया। इस नियम का पालन न करने वालों में हरियाणा बोर्ड अकेला है।
12वीं कक्षा की परीक्षा में शामिल छात्र
नियमित...2,68,406
प्राइवेट...43,430