पंजाब यूनिवर्सिटी सारंगपुर में अलॉट हुई 148 एकड़ जमीन पर चार हॉस्टल और फैकल्टी के लिए फ्लैट्स बनाएगी। यह हॉस्टल सेल्फ फाइनेंस बेस पर और फ्लैट्स ट्रांजिट आवास के तहत अलॉट होंगे। पीयू की ओर से भेजी गई डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) को प्रशासन ने हरी झंडी दे दी है।
इस प्रोजेक्ट के लिए पीयू इंजीनियरिंग से लेकर कई अन्य तरह के अपने ही संसाधनों का इस्तेमाल करेगा। पीयू में करीब 6 हजार हॉस्टल सीटें हैं, जबकि स्टूडेंट्स की संख्या 15 हजार से अधिक है। 50 फीसदी से अधिक स्टूडेंट्स बाहरी हैं। ऐसे में हॉस्टल की किल्लत लगातार बनी हुई है।
स्टूडेंट्स को महंगे पीजी में रहना पड़ रहा है। हॉस्टल के सिंगल रूम में दो स्टूडेंट्स होते हैं। मजबूरन तीसरे को भी गेस्ट एंट्री मिल जाती है। इससे पढ़ाई नहीं हो पाती। वीसी प्रो. अरुण ग्रोवर ने भी इस बात पर खासी चिंता जताई। इसी समस्या को देखते हुए पीयू प्रशासन सेल्फ फाइनेंस के तहत 4 हजार स्टूडेंट्स के लिए हॉस्टल बनाएगा।
हॉस्टल के साथ 500 फैकल्टी के लिए फ्लैट्स भी बनेंगे। इन ट्रांजिट एकमोडेशन में फैकल्टी को पांच साल का समय अपना घर बनाने के लिए दिया जाएगा। हर पांच साल बाद यह दूसरी फेकल्टी को अलॉट किए जाते रहेंगे।
पीयू प्रशासन इसके लिए बिल्डर को हायर करेगा। सारंगपुर से कैंपस तक लाने ले जाने के लिए शटल सर्विस चलेगी। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने केलिए पीयू ने 2 से 3 साल का समय निर्धारित किया है।
प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर, वाइस चांसलर, पीयू ने बताया कि सेल्फ फाइनेंस के तहत 4 हजार स्टूडेंट्स के लिए हॉस्टल बनाए जाएंगे। 500 फैकल्टी के लिए ट्रांजिट एकमोडेशन बनेंगे। प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो गया है।