केंद्रीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र अब अपनी पुरानी किताबें एक समारोह में दान कर सकेंगे। केंद्रीय विद्यालय संगठन (केविसं) की ओर से इस संबंध में सभी केंद्रीय विद्यालयों (केवि) को दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। सभी छात्रों की पुरानी किताबों को दान करने के लिए हर केवि में ‘ग्रीन डे’ का आयोजन किया जाएगा।
केंद्रीय विद्यालय संगठन के कमिश्नर संतोष कुमार मल ने सभी केवि को पत्र जारी करके कहा है कि देश और पर्यावरण के हित में हमें सभी बच्चों को पुरानी किताबों का दोबारा इस्तेमाल करना सिखाना होगा। इसके लिए हर केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य की जिम्मेदारी है कि वह सत्र शुरू होने पर हर केवि में एक ग्रीन डे समारोह का आयोजन करें।
इस समारोह में सभी छात्र अपनी पिछली कक्षा की किताबें और नॉवेल लेकर आएंगे और दान करेंगे। यह पुस्तकें नए आने वाले बच्चों के काम आएंगी। खास बात यह है कि अपनी पुस्तकें दान करने वाले हर छात्र को ग्रीन सर्टिफिकेट दिया जाएगा। हर प्रिंसिपल को बताया गया है कि इसके लिए वह एक कोआर्डिनेटर की जिम्मेदारी तय करें।
एक सारिणी तैयार की जाएगी, जिसमें बुक गिफ्ट करने वाले छात्र का नाम, पुस्तकों की संख्या और पुस्तक जमा करने की तिथि के साथ ही बुक लेने वाले छात्र की पूरी डिटेल ली जाएगी। केवि-एक हाथीबड़कला के प्राचार्य डा. इंद्रजीत सिंह ने बताया कि केविसं ने इसी साल यह शुरुआत की है। इसका मकसद छात्रों में दान की भावना विकसित करने के साथ ही कागज की बचत करना भी है।