उच्च शिक्षा के स्तर में सुधार की दिशा में पहल करते हुए राज्यपाल राम नाईक ने 5 जनवरी को राजभवन में प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों व कुलसचिवों की बैठक बुलाई है।
इसमें कुलपतियों और कुलसचिवों के बीच बेहतर तालमेल बनाने के साथ-साथ शैक्षिक सत्र को नियमित करने, छात्रसंघों के चुनाव समेत अन्य मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
राज्यपाल का पदभार संभालने के बाद से ही नाईक लगातार उच्च शिक्षा के स्तर पर चिंता जताते हुए इसकी गुणवत्ता पर जोर दे रहे हैं। हाल ही में मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति और कुलसचिव के बीच पैदा हुए विवाद को भी उन्होंने गंभीरता से लिया है।
विश्वविद्यालयों की दशा सुधारने के लिए अब राज्यपाल ने खुद सभी कुलपतियों और कुलसचिवों से रू-ब-रू होंगे। वे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के संबंध में फीडबैक भी लेंगे।
विवादों से खुश नहीं राज्यपाल
खास बात है कि बैठक के लिए तैयार कराए गए एजेंडे में कुलपति और कुलसचिव के बीच संबंधों और तालमेल को प्रमुखता से शामिल किया गया है।
इससे साफ है कि मेरठ विवि में कुलपति और कुलसचिव के बीच चल रहे विवाद से राज्यपाल खुश नहीं हैं। वह चाहते हैं कि विश्वविद्यालयों में दोनों के बीच बेहतर तालमेल रहे जिससे पढ़ाई का अच्छा माहौल बने।
इन मुद्दों पर भी होगा विचार-विमर्श
बैठक में विश्वविद्यालयों का शैक्षिक सत्र समय पर पूरा कराने, नैक मूल्यांकन सुनिश्चित कराने, अच्छा प्रदर्शन करने वाले विश्वविद्यालय को सम्मानित करने के लिए ‘चांसलर अवॉर्ड’ देने, परीक्षा प्रणाली एवं मूल्यांकन प्रक्रिया को बेहतर बनाने, दीक्षांत समारोहों के संचालन, प्रोटोकॉल, वेशभूषा एवं आमंत्रण पत्र में एकरूपता लाने पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।