शहर के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने के उद्देश्य से अब सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को प्राइवेट स्कूलों के प्रिंसिपलों से ट्रेनिंग लेनी होगी।
इससे सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर बढ़ेगा। सोमवार को सेक्टर-26 स्थित सेंट कबीर स्कूल में हुई बैठक में यह तय हुआ कि चंडीगढ़ प्रशासन के शिक्षा विभाग के इंटर स्कूल पार्टनरशिप प्रोजेक्ट के तहत प्राइवेट स्कूलों के प्रिंसिपल सरकारी स्कूल के शिक्षकों को ट्रेनिंग देंगे।
बैठक में सात सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपलों और सात प्राइवेट स्कूलों के प्रिंसिपलों ने हिस्सा लिया। चंडीगढ़ के डीपीआई (स्कूल) कमलेश कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में शिक्षा विभाग के इंटर स्कूल पार्टनरशिप प्रोग्राम के उद्देश्यों पर विस्तार से चर्चा हुई।
इस बैठक में तय हुआ कि सॉपिंस स्कूल में ओरिएंटेशन प्रोग्राम जल्द आयोजित होगा। इसमे सरकारी स्कूल के शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि सरकारी स्कूलों में छात्रों को पढ़ाने के लिए अपनाए जा रहे पुराने तरीकों में बदलाव किया जा सके।
बैठक में कमलेश कुमार ने भी माना कि इससे प्राइवेट और सरकारी स्कूलों के बीच बेहतर तालमेल भी मिलेगा और सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। इसका लाभ यह होगा कि सरकारी स्कूल भी प्राइवेट स्कूलों के साथ मुकाबला कर सकेंगे।
इंडीपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष एचएस मामिक ने कहा कि हाईकोर्ट के निर्देशों पर शिक्षा विभाग ने इंटर स्कूल पार्टनरशिप प्रोग्राम तैयार किया है।
इसके तहत सात प्राइवेट स्कूलों के प्रिंसिपल और आठ सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपलों की एक कमेटी भी बनाई गई है। उम्मीद हैं कि इस प्रोग्राम का उद्देश्य ट्रेनिंग से पूरा होगा। प्राइवेट स्कूल सरकारी स्कूलों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।