मोहान रोड स्थित जीबी पंत पॉलीटेक्निक के हॉस्टलर्स ने तीन डे-स्कॉलर छात्रों को पीट दिया।
पॉलीटेक्निक प्रशासन दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जगह उल्टा पीड़ितों के खिलाफ पुलिस में तहरीर देकर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।
डिप्रेशन में आए पीड़ित छात्र संस्थान छोड़ने तक की बात कह रहे हैं।
समाज कल्याण विभाग की तरफ से मोहान रोड स्थित जीबी पंत पॉलीटेक्निक में 70 प्रतिशत सीटें एससी और एसटी स्टूडेंट्स के लिए आरक्षित हैं।
इन छात्रों के लिए हॉस्टल की भी व्यवस्था है। ऐसे में हॉस्टलर्स की संख्या डे-स्कॉलर छात्रों से कहीं अधिक है।
संस्थान में प्रथम वर्ष के छात्र शिवम मिश्रा, अंकुर सिंह और राहुल सिंह ने बताया कि 28 अगस्त को बैचलर ऑफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की लैब में टीचर से प्रोजेक्ट के लिए फाइल लेकर देख रहे थे।
इसी दौरान साथ में ही पढ़ने वाले रजत और दो अन्य छात्रों ने उनसे फाइल मांगी। प्रोजेक्ट पूरा करने के बाद फाइल देने की बात कहने पर रजत और उसके साथी भड़क गए और धमकाते हुए चले गए।
आरोप है कि अगले दिन संस्थान के बाहर बैंक में खाता खुलवाने जाते समय हॉस्टल में रहने वाले सीतापुर के अश्विनी, मऊ के मंजीत कुमार, दीपक पासवान, पुनित राज, इलाहाबाद के आकाश कुमार भारती, टूंडला के रजत सिंह और वाराणसी के पंकज भारती ने रोका और पीटना शुरू कर दिया।
लिखित शिकायत पर प्रिंसिपल ने कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। पारा पुलिस चौकी में शिकायत करने पर आरोपियों ने भी उनके खिलाफ तहरीर दे दी।
इसके बाद संस्थान के ही एक शिक्षक ने चौकी पर बुलाया और समझौता करा दिया। कोई कार्रवाई न होने से आरोपी बेखौफ होकर डरा-धमका रहे हैं। दहशत में आए पीड़ित छात्र संस्थान छोड़ने तक का मन बना चुके हैं।