प्रदेश सरकार के निर्देश के बावजूद भी एचएनबी गढ़वाल विवि की ओर से सत्र 2011-12 में पंडित दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय (वर्तमान में श्रीदेव सुमन) के नाम से आयोजित की गई पीजी प्रथम वर्ष के प्राइवेट छात्रों को राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
गढ़वाल विवि की यह लापरवाही दो वर्षों से 8 हजार अभ्यर्थियों पर भारी पड़ रही है। प्रदेश सरकार ने गढ़वाल विवि को मार्कशीट श्रीदेव सुमन विवि के लोगो के साथ जारी करने के निर्देश दिए हैं लेकिन अब गढ़वाल विवि ने इस मामले में नया पैतरा बदल दिया है।
गढ़वाल विवि के अधिकारियों का कहना है कि श्रीदेव सुमन विवि का लोगो उनके पास उपलब्ध नहीं है। बिना लोगो के मार्कशीट और डिग्री कैसे निर्गत कर सकते हैं।
दो साल हो गए परीक्षा को
सत्र 2011-12 में गढ़वाल विवि ने पीजी प्रथम वर्ष की प्राइवेट परीक्षा तत्कालीन दीन दयाल विवि के नाम से आयोजित थी। दो साल का समय बीत चुका है। लेकिन गढ़वाल विवि ने 8 हजार अभ्यर्थियों की मार्कशीट निर्गत नहीं की है।
अभ्यर्थी पीजी फाइनल इयर की परीक्षा उर्त्तीण कर चुके हैं। छात्रों को रोजगार के लिए मार्कशीट की जरूरत है। गढ़वाल विवि प्रशासन पहले यह कहता रहा कि मार्कशीट श्रीदेव सुमन विवि देगा।
शासन के दबाव में लिया निर्णय
मामला शासन में पहुंचा तो उच्च शिक्षा उप सचिव लक्ष्मण सिंह की ओर से 27 नवंबर को गढ़वाल विवि के कुलसचिव को प्रेषित पत्र में कहा गया है कि छात्र हित में शासन ने श्रीदेव सुमन विवि के लोगो पर मार्कशीट और डिग्री निर्गत करने का निर्णय लिया है।
कुछ दिन पहले तक गढ़वाल विवि के अधिकारी तर्क दे रहे थे कि वे शासन को इस मामले में तीन बार पत्र भेज चुके है। लेकिन शासन की ओर से कोई दिशा-निर्देश नहीं दिया गया है। जबकि यह पत्र कई दिन पहले गढ़वाल विवि को मिल चुका है। विवि के ओएसडी प्रो.एलजे सिंह ने उच्च शिक्षा के उप सचिव के पत्र मिलने की पुष्टि की है।
शासन का पत्र मिल चुका है लेकिन श्रीदेव सुमन विवि का लोगो हमारे पास उपलब्ध नहीं है। दूसरे विवि की मार्कशीट कैसे जारी कर सकते हैं क्योंकि नामांकन संख्या उस वक्त छात्र हित में श्रीदेव सुमन विवि का ही आवंटित किया गया था।
-प्रो.एलजे सिंह ओएसडी गढ़वाल विवि श्रीनगर