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पीयू में नियमों के खिलाफ दिए जा रहे दाखिले

Sun, 31 Aug 2014 01:12 PM IST
सुमित सिंह श्यौराण/अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) में मौजूदा शिक्षा सत्र के दाखिले के अंतिम दिन से एक दिन पहले शनिवार को नियमों के खिलाफ पीयू से संबद्ध शहर के इंजीनियरिंग संस्थानों में छात्राओं की सीटें बदल दी गईं। पीयू के डीयूआई और कार्यवाहक कुलपति प्रो.एके भंडारी ने शनिवार को इस संबंध में आदेश जारी किए।
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बिना काउंसलिंग किए ही इन छह छात्राओं के न सिर्फ संस्थान बदले गए बल्कि उनकी कैटेगरी को भी बदल दिया गया। ऐसा सिर्फ एक छात्रा को डॉ.एसएस भटनागर यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ कैमिकल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलाजी (एसएसबीयूआईसीईटी) में सिंगल गर्ल चाइल्ड कोटे में दाखिला देने के लिए किया गया।

इस छात्रा को दाखिला देने का दबाव पीयू के एक वरिष्ठ सीनेट सदस्य का था और इस छात्रा की मां इसी विभाग में प्रोफेसर है। शहर के इंजीनियरिंग संस्थानों में दाखिले के लिए गठित ज्वाइंट एडमिशन कमेटी (जेएसी) के चेयरमैन प्रो.यूएस शिवहरे पर पहले इसके लिए दबाव बनाया जा रहा था।
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इस वजह से उन्होंने शुक्रवार को अपना इस्तीफे के बाद भी पीयू ने छह छात्रों के दाखिले बदल दिए। प्रो.शिवहरे ने अपने पद से इस्तीफा इसलिए दिया था क्योंकि उन पर नियमों के खिलाफ गलत तरह से दाखिला देने का दबाव था। 

यह नियम टूटा दाखिला देने में

सुप्रीमकोर्ट की गाइडलाइंस के अनुसार 15 अगस्त के बाद इंजीनियरिंग सीटों पर एडमिशन नहीं हो सकता है। साथ ही यह भी निर्देश हैं कि सीटों में फेरबदल और दाखिले के लिए काउंसिलिंग जरूरी है।

अभिभावकों ने चेयरमैन पर लगाए आरोप
इंजीनियरिंग में दाखिला लेने वाले छात्रों के कुछ अभिभावकों ने प्रो.यूएस शिवहरे पर गलत दाखिला देने का भी आरोप लगाया है। कुलपति को लिखे पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया है कि दाखिले के दौरान नियमों का पालन नहीं हुआ था।

नियमों में स्पष्ट था कि जिसने सिंगल गर्ल चाइल्ड कोटे में आवेदन किया है उसे पहले जनरल कैटेगरी में दाखिला देने चाहिए थे क्योंकि उसकी मेरिट जनरल के लिए बन रही थी। इसके बाद भी प्रो.शिवहरे ने उन्हें जनरल में दाखिला न देकर सिंगल गर्ल चाइल्ड कोटे की सीटें खराब की।

इन छात्राओं की बदली गई सीटें

-राधिका बंसल-बीई (कंप्यूटर साइंस) में यूआईईटी में सिंगल गर्ल चाइल्ड कोटे में दाखिला हुआ था। अब दाखिला जनरल कैटेगरी में दे दिया गया।

-गुरनीत कौर का दाखिला बीई (इलेक्ट्रानिक्स) में यूआईईटी में जनरल कैटेगरी में हुआ था। अब बीई (कंप्यूटर साइंस) में सिंगल गर्ल चाइल्ड में दाखिला दिया गया।

-विदिशा वैभव को बीई (कैमिकल इंजीनियरिंग) में सिंगल गर्ल चाइल्ड कोटे में दाखिला दिया गया। अब उसे जनरल कैटेगरी में सामान्य वर्ग की सीट में दाखिला दिया गया।

-गुरसिमरन कौर को बीई (मेकेनिकल) में सिंगल गर्ल चाइल्ड कोटे में दाखिला दिया गया। अब उसे बीई (कैमिकल) में सिंगल गर्ल चाइल्ड में दाखिला दिया गया।

-उर्वी मौदगिल को बीई (फूड टेक्नोलाजी) में सिंगल गर्ल चाइल्ड कोटे में दाखिला दिया गया। अब उसे  बीई (मेकेनिकल) में सिंगल गर्ल चाइल्ड कोटे में दाखिला दिया गया।

-इनायत कपूर को सीसीईटी में जनरल कैटेगरी में सिविल इंजीनियरिग में दाखिला दिया गया। अब उसे बीई (फूड टेक्नोलाजी) में सिंगल गर्ल चाइल्ड कोटे में दाखिला दिया गया।
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ये कहना है पीयू प्रशासन अधिकारियों का

जेएसी ने गलत काउंसलिंग की थी। जिस छात्रा को सिंगल गर्ल चाइल्ड कोटे की सीट की जगह मेरिट ऊपर आने पर जनरल कैटेगरी में दाखिला देना चाहिए था उसे जनरल में दाखिला नहीं दिया गया।

इसलिए मैंने जेएसी की गलती को ठीक किया। इसमें कुछ भी गलत नहीं है और जो कुछ भी किया गया है कानूनी सलाह के बाद किया गया है। सीटों को बदलने के लिए काउंसलिंग की जरूरत नहीं थी।
-प्रो.एके भंडारी, डीयूआई

डीयूआई के आर्डर मिले हैं जिसे लागू किया गया है। इससे ज्यादा मैं कोई कमेंट नहीं करूंगा।
 - प्रो.यूएस शिवहरे, चेयरमैन, एसएसबीयूआईसीईटी 
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