कोई मालवीय सभागार के भव्य हॉल में अपनी पुरानी यादों को तलाश रहा था तो कोई लाइब्रेरी में उस जगह को ढूंढ रहा था, जहां कभी बैठकर वह पढ़ते थे।
कुछ लोग तो अपने साथ वह परिचय पत्र और लाइब्रेरी कार्ड तक लेकर आए, जो करीब 40 साल पहले उन्हें बतौर छात्र ईश्यू किए गए थे।
अपने ही गुरुओं के सामने जब पूर्व छात्र सम्मानित हुए तो उन्होंने इसे अपने जीवन का सबसे बहुमूल्य सम्मान बताया।
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मौका था लखनऊ विश्वविद्यालय के 93वें स्थापना दिवस समारोह का, जहां विवि से पढ़कर निकले 10 ऐसे एल्युमिनाई को सम्मानित किया गया, जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल कर विवि का नाम रोशन किया है।
स्थापना दिवस के मौके पर पूर्व छात्रों ने भी विवि का साथ हर कदम पर देने का वादा किया। एल्युमिनाई ने एलयू के विजन-2020 में मदद देने की बात कही।
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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एसबी निमसे ने एल्युमिनाई का आह्वान किया कि वह विजन 2020 को पूरा करने में उनकी मदद करें।
वह चाहते हैं कि वर्ष 2020 में एलयू देश की टॉप फाइव यूनिवर्सिटी में शुमार हो और विश्व की 200 यूनिवर्सिटी की सूची में उसका नाम हो। उन्होंने कहा कि यहां से पढ़कर निकले एल्युमिनाई देश-विदेश में उच्च पदों पर आसीन हैं।
वह यहां इफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने में मदद करें। कार्यक्रम में एलयू एल्युमिनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष व पूर्व डीजी अतुल ने भरोसा दिलाया कि वह यूनिवर्सिटी के विजन 2020 को पूरा करने में मददगार बनेंगे।
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एलयू में पढ़ रहे वर्तमान छात्रों की मदद के लिए वह तरह-तरह के कार्यक्रम आयोजित करेंगे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि महापौर प्रो. दिनेश शर्मा ने कहा कि अपनत्व का जो भाव लखनऊ विश्वविद्यालय के एल्युमिनाई में है, वह अनूठा है।
उन्होंने कहा कि लखनऊ यूनिवर्सिटी के एल्युमिनाई ने हर क्षेत्र में अपनी धाक दिखाई है। कार्यक्रम में लखनऊ विश्वविद्यालय एल्युमिनाई एसोसिएशन के महामंत्री प्रो. मनोज दीक्षित ने कहा कि यूनिवर्सिटी के एल्युमिनाई ने हमारी काफी मदद की है।
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उन्होंने एल्युमिनाई गिरि लाल गुप्ता का जिक्र किया, जिन्होंने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा के साथ महमूदाबाद हॉस्टल में रहकर पढ़ाई की थी।
उन्होंने यहां पर डॉ. गिरि लाल गुप्ता इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ बनाने के लिए करीब तीन करोड़ रुपये की मदद की। उन्होंने महमूदाबाद हॉस्टल के वह कमरे भी बनवाए, जिसमें डॉ. गुप्ता और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा रहते थे।
कार्यक्रम में मंच संचालन सेवानिवृत्त प्रोफेसर एके श्रीवास्तव ने किया। कार्यक्रम में एल्युमिनाई एसोसिएशन के संरक्षक व उत्तराखंड के पूर्व लोकायुक्त जस्टिस एसएचए रजा भी मौजूद थे।
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