उत्तराखंड शिक्षा विभाग के महानिदेशक डी. सेंथिल पांडियन ने कहा पब्लिक स्कूलों की तर्ज पर उत्तराखंड में भी विशेष सुविधा संपन्न स्कूल खोलने की कवायद की जा रही है।
न्होंने कहा इसके तहत सूबे के हर ब्लाक में पांच मॉडल स्कूल खोले जाएंगे। बाकायदा शासन की ओर से इन स्कूलों को खोलने के लिए 20 करोड़ रुपए की धनराशि भी मंजूर कर दी गई है।
उन्होंने कहा जल्द ही स्कूल खोलने का काम पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा फर्जी शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर महकमा बेहद गंभीर है, इसके लिए विभागीय अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा स्कूलों में करीब एक हजार चौकीदारों के पद उपनल से भरे जाने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।
बुधवार को नैनीताल क्लब में पत्रकारों से वार्ता में पांडियन ने कहा पांच मॉडल स्कूलों में दो प्राइमरी, दो माध्यमिक और एक स्कूल जूनियर हाईस्कूल स्तर का होगा। सूबे में करीब 500 स्कूल खोलने की योजना है। इसके लिए शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
नैनीताल समेत कई अन्य जिलों में फर्जी शिक्षकों की नियुक्ति के मामलों को विभाग ने गंभीरता से लिया है। वर्ष 2012 से नियुक्त किए गए शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच की गहनता से जांच कराई जा रही है। इतना ही नहीं उनका पुलिस वेरिफेकेशन भी कराया जा रहा है। अब तक कई फर्जी शिक्षकों की सेवाएं समाप्त की जा चुकी हैं।
पांडियन ने कहा विभाग ने तय किया कि अब कम्प्यूटर भी उन्हीं स्कूलों को दिए जाएंगे, जिन स्कूलों में बिजली होगी। कई स्कूलों में छात्र संख्या दस से कम होने के बाद भी वहां स्कूलों में मानक से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति के सवाल पर पांडियन ने कहा इसका सर्वे कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि आरटीई के तहत स्कूल खोलना विभाग की मजबूरी है, लेकिन अब सर्वे कराया जा रहा है कि जहां छात्र संख्या कम हो वहां के छात्रों को मॉडल स्कूल में भर्ती कराया जाए।
बीएड प्रशिक्षित बेरोजगारों की ओर से देहरादून में नियुक्ति को लेकर चलाए जा रहे आंदोलन के बारे में उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। उन्होंने इस मामले को शासन के पाले में डाल दिया। उन्होंने कहा शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार के लिए सभी मंडलीय और जिलास्तरीय अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।